फिर हमारी टीम के दोनों HOD ने कहा कि यह Kiss तरह का मेच है. ऐसे तो हम बराबर ही नहीं कर पायेंगे. तो दुसरी टीम वालों ने कहा कि अभी आप लोगों को कोनसा बच्चों को पढाने जाना है. अभी तो पुरे काॅलेज में गेदरिंग ही चल रही हैं ना सभी लोग फ्री है. तो बस अपने...
फिर जब मेरे रुम पार्टनर ने साफ इंकार कर दिया कि मैं दीपक कि कोई मदद नहीं कर सकता हूं. तो फिर गांव वालें लडके ने मुझसे बात कि मुझसे कहा कि जो पैसे तुने कबुल किए हैं. क्या उतने पैसे तेरे पास है. तो मेने मना कर दिया. फिर उसने अपने साथ पडने वाले लडकों...
गांव के लडके की बात सुनकर भईया और मेने कम्प्युटर पर कालेज सिलेक्ट कर दिए. और वापस घर आ गए. फिर भईया ने लडके से फोन करके पूछा कि अप्लाय कर दिया है. अब क्या करें. तो लडके ने कहा कि अब आप थोडे दिन तक इंतजार किजिए जब काॅलेज में काउंसलिंग होगी तो काॅले...
जब छात्रावास इंचार्ज ने हम छहों पर घर जाने की पाबंदी लगा दी तब चाचा के लडकों ने अपनी मांओं को यह बात बता दी. तो चाचीयों ने अपने बच्चों को तरकिब बताई की अगर छात्रावास इंचार्ज घर नहीं आने दें तो तुम सब खाना खाने के बाद टहलने के बहाने दीपक को बाहर घु...
अब आठवीं की परिक्षाएं पुरा एक महिना चली. फिर परिक्षा खतम होने के बाद फिर छुट्टियां लग गई, तो मेने छुट्टियों में खेतों में काम किया और नौवीं कक्षा में प्रवेश फिस इकट्ठा की ताकि माता- पिता को स्कूल फिस ज्यादा भारी ना पडे. तीन महीने मेने खेतों में का...
फिर चाचा- चाची ने देखा कि में घर पर रहकर घर के सारे काम कर लेता हूं. जिससे माता- पिता को काम कमाई में वृद्धि होती है. और दुसरा पुरे मोहल्ले में मेरी और माता- पिता कि भी तारीफ होती है. तो चाचा- चाची को मेरी और माता- पिता की मोहल्ले वालों से तारीफ स...
फिर सभी बच्चों को समझा बुझाकर शांत किया और सभी बच्चों को स्कूल में जाने के लिए बोल दिया. फिर सभी बच्चे स्कूल में चले गए. पर लडकों की लडाई से में बहुत डर गया था. जिससे मेने दो चार दिनों तक तो स्कूल जाना ही बंद कर दिया. फिर थोडे दिन बाद फिर से स्कूल...
फिर सभी बच्चों को समझा बुझाकर शांत किया और सभी बच्चों को स्कूल में जाने के लिए बोल दिया. फिर सभी बच्चे स्कूल में चले गए. पर लडकों की लडाई से में बहुत डर गया था. जिससे मेने दो चार दिनों तक तो स्कूल जाना ही बंद कर दिया. फिर थोडे दिन बाद फिर से स्कूल...
अब गांव की तीनों चाचियों ने प्लान बनाया जेठानी के बच्चें को तांत्रिक से टोटका करवाकर दुध के साथ पिला देते हैं. फिर टोटके से हमेशा बिमार पढता रहेगा. ओर फिर गांव की कोई भी महिला जेठानी के बच्चें को लाड प्यार नहीं करेगा. कोई भी जेठानी की तारीफ नहीं क...
हेलो दोस्तो, मेरा नाम दीपक गंगारेकर है. मेरे पिता का- नाम गजानंद गंगारेकर और माता का नाम चुनी बाई गंगारेकर है. मैं, मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की कसरावद तहसील के, ग्राम पंचायत सामेडा का रहने वाला हूं. और मैं, अपनी कहानी के माध्यम से, आपको एक ऐसे व्...
में जिस भी जगह काम करने जाता था। वहां में कार्य इतनी ईमानदारी से करता था। कि उस जगह का मालिक मेरी ईमानदारी देखकर मेरी और आकर्षित हो जाता था। लेकिन उस जगह पर जो दुसरे कर्मचारी कार्य करते थें। उनकी मक्कारी बेईमानी और चालाकी मेरी ईमानदारी कि वजह से उ...
में सीधा-साधा भोला-भाला मासुम ईमानदार था। में ईमानदारी से कर्म करता था। में जहां भी जाता वहां अपना 100% देता था। मेरी सोच अच्छी थीं ईमानदारी कि थी तो मुझे लोग भी ईमानदार ही मिलते थें। चाहें वो मेरा करियर हो या लव लाइफ हों। मुझे करीयर नोकरी में भी ...
जब आफिस के दोनों लोगों ने देखा कि सफाई वाले कि ठेकेदार महिला मुझे डरा धमका रहीं हैं तों मेडम मेरे सपोर्ट में बोल रहीं हैं तों दोनों समझ गये कि अब हम दीपक के खिलाफ ना तो खुद कुछ कर सकते हैं। और ना ही किसी और से कुछ करवा सकते हैं। क्योंकि दीपक के सप...
जब दोनों ने देखा कि वै मुझे सर कि नजरों में गिराने में झुटा साबित करने में नाकामयाब हो रहें हैं। जब भी मुझे गिराने कि चाल चलतें आखिर में सर कि नजरों में वै दोनों ही झुटे मक्कार बेईमान साबित होते थें। और में हर बार हर चाल पर ईमानदार साबित होता था। ...
जब सर ने मेरी ट्रेन कि टिकट बुक कर दिया और मेडम से मुझे खर्च करने के पैसे देने के लिए बोल दिया कि मेडम दीपक को खर्च के पैसे दे देना। तो मेडम ने हां कह दिया। फिर इतनी बात मेडम को बोलकर सर अपने घर चलें गये। फिर मेडम ने मुझे एक छोटी फोटोकॉपी मशीन निक...
आफिस में दोनों पुराने लोगों ने देखा कि में सर्विस सेंटर का काम सीखने के लिए उनके पास नहीं जाता हुं। या काम सीखने के लिए पुछता भी नहीं हुं। तब दोनों ने अपने मन में धारणा बना लिया कि सर को हमारा कोई राज पता चल गया है। और अब हर दीपक को आफिस का सारा क...
जब मुझे सर्वीस सेंटर पर काम करने के लिए बोल दिया तब में बहुत खुश हो गया। कि चलो अब मुझे नोकरी मिल गई है। और में खुशी खुशी अपने कमरे पर लोट आया। लेकिन जिस कमरे पर में रहता था। उस कमरे के सामने एक लड़की रहती थी। तों कभी कभी मेरी उस लड़की पर नजर पड़ ...
जब में मेरी चौथे सेमेस्टर कि परीक्षा चल रही थी तब मेरे गांव वाले लड़के कि छठवें सेमेस्टर कि परीक्षा चल रही थी। और जब हम दोनों कि परीक्षाएं खत्म हो गई। तब मेरे गांव वाले लड़के के पोलिटेकनिक कोर्स के तीन साल पुरे हो गए थे। परीक्षा देने के बाद कालेज ...
जब पुराने लड़को ने हम छः लड़को कि शिकायत छात्रावास वार्डन से कर दिया कि सर ये छः लड़के छात्रावास से बाहर घुमते रहते हैं। और हम इन्हें रोकते हैं तो हमारी बातों को नजरंदाज कर देते हैं। तों वार्डन ने हम छः लड़को से छात्रावास के पुराने लड़को कि बातों ...
इस समय भी मेरे माता-पिता और चाचा-चाची आपस में एक-दूसरे से बातचीत नहीं करतें थे। लेकिन केवल में ही अपने चाचा -चाची और उनके बच्चों से बातचीत करता था। उनमें रहता था। क्योंकि गांव के दुसरे बच्चों में मेरा मन नहीं लगता था। और जब मेरे चाचा-चाची देखते थे...
जब मोहल्ले वाले मेरी तैराकी कि तारीफें कर रहे थे तब मेरे चाचा-चाची भी खड़े रहकर सुन रहें थे। तो अब चाचा के लड़कों के लिए एक नया टास्क करने के लिए सामने आ गया। और चाचा के लड़के सोचने लगे कि दीपक मर क्युं नहीं जाता है। इसकी वजह से घरवाले हमें परेशान...
भगवान ने मुझे बहुत से हुनर देकर धरती पर भेजा था। और यह सारे हुनर शक्तियां मेरे पुर्व जन्म में भक्ति मार्ग पर चलकर मेने प्राप्त कि थीं। शरीर नया था परन्तु मेरी रुह आत्मा तो पुरानी थीं। और दुसरा मुझे जिस परिवार में भगवान ने भेजा था। वह परिवार था ईमा...
ट्वीनफ्लेम कनेक्शन वह होता है। जिसमें आपका पार्टनर आप ही के समान गुण दोषों वाला होता है। जो आपको अपनी आदतों और हरकतों से ट्रीगर करता है। तुम्हारे कमजोर हिस्सों पर चोट देता है। जैसे कि अगर आपको किसी बात के लिए डर लगता था। तो आपका ट्वीन आपको उसी डर ...
मेरी दीदी ने मेरी चाचीयों और अपनी सहेलियों कि अपने पति कि झुटी बातों पर विश्वास करके ससुराल जाने से मना कर दिया। और जीद पकड़ कर बेठ गई। कि वह अब ससूराल नहीं जाएगी। मेरी दीदी को सभी लोगों ने खुब समझाया मीन्नते कि कि वह ससूराल चली जाएं अगर वह ससुराल...
मेरी चाचीयों को मेरी मां कि तारीफों से तो जलन होती ही थीं। लेकिन अब मेरी दोनो बहनों कि अच्छे परिवारों में रिश्ते भी। होने जा रहें थे। तो मेरी तीनों चाचियों को और भी ज्यादा जलन होने लगी। कि अगर मेरी दोनों बहनों का विवाह अच्छे परिवार में हुआ तो हमार...
मेरे नानाजी के स्वर्ग वास होने के बाद मेरी नानी भी बिमार रहने लगीं थीं। फिर मेरे बड़े मामा मामी ने मिलकर मेरे छोटे मामा कि शादी भी कर दी। अब नाना-नानी के घर में तीनों मामाओं का विवाह हो चुका था। मेरे दो मामा कपड़े सिलाई का काम करते थे। और एक मामा ...
ट्वीनफ्लेम और सोलमेट्स कहानी में। जब मेरी तीनों चाचीयां अपने पतियों और मेरी दादी को मेरी मां के खिलाफ भड़काने के लिए मेरी मां कि झुटी बातें बोलने लगी तो मेरे चाचाओं ने मेरी तीनों चाचीयां कि बातों पर भरोसा नहीं किया और बातों को नजरंदाज करते हुए मेह...
जब भगवान ने देखा कि मेरी तीनों चाचियों ने अपने पतियों और सांस-ससुर कि नजरों में मेरी मां को तंत्र मंत्र टोने टोटके करने वाली सांस-ससुर और सभी देवर-देवरानियों को अपने वश में करने वाली साबित करने के लिए प्लान बना लिया है। और अब उस प्लान को अपने पतिय...
ट्वीनफ्लेम और सोलमेट्स कहानी का दुसरा भाग मेरे नाना-नानी मेरे दादा-दादी मेरे मामा-मामी मोसा-मोसी मेरे चाचा-चाची और मेरे माता-पिता के जीवन के बारे में लिख रहा हूं। मेरे नाना-नानी सत्य के मार्ग पर चलकर धर्म का पालन करते हुए प्रभु कि भक्ती करते हुए अ...
हैलो दोस्तो मेरा नाम दीपक गंगारेकर है। में, मध्य प्रदेश के खरगोन जिले कि कसरावद तहसील के ग्राम पंचायत का रहने वाला हूं। मेरे पिता का नाम श्री गजानंद गंगारेकर और माता का नाम चुनी बाई गंगारेकर है। में अपनी कहानी ट्वीनफ्लेम और सोलमेट्स के माध्यम से अ...
ईश्वर का चुना हुआ व्यक्ती वह व्यक्ति होता है। जीसके पुर्वजों ने अपने पुरे जीवन काल में ईश्वर की भक्ति कि सत्य के मार्ग पर चलकर धर्म का पालन किया लेकिन वै कभी नकारात्मकता कि बेड़ियों से गुलामी कि जंजीरों से खुद को आजाद नहीं करा पाएं। और अपने अमीर ब...