Mere Humsafar — यह सिर्फ़ किताब नहीं, मेरी आवाज़ है।"“कभी छोड़ दिया, कभी टूट गया — पर फिर भी मैंने सीखा खुद को सशक्त बनाने का रास्ता। "🌹 कवयित्री के बारे मेंडॉ. सुरक सेल्वी चिन्नप्पनसमाज के बीच रहकर भी मैंने हमेशा महसूस किया है —हर किसी...

1- 🌹 मेरे हमसफ़र,🌹 कुछ अल्फ़ाज़ हैं जो दिल में दबे हैं,कुछ आंसू हैं जो अब तक रुके हैं।इसलिए सोचा, आज लफ़्ज़ों से बात कर लूं —शायद तुम्हें मेरी ख़ामोशी सुनाई दे जाए।🌹❤️🌹तुम्हें देखा, तो सब कुछ रुक सा गया,दिल ने कहा — यही है, और कुछ ...

1🌹“मैं टूटी नहीं”🌹एक तस्वीर थी, मुस्कान थी कोमल,सपनों की डोरी, दिल में थी निर्मल।वो वादे थे जो निभ नहीं पाए,राहें जुदा हुईं, अरमान छूट जाएँ।तूने दिखाए झूठे सपनों के रंग,सच की चुभन से लहूलुहान हर ढंग।कहा मुझे “पागल”, गिराने की चाह रखी,पर मैंने हर...

बहुत बढ़िया 😊🌷तो अगली कविता हम "नई शुरुआत" (New Beginning) पर बनाएँगे — जहाँ दर्द पीछे छूटता है और आत्मा फिर से जीना सीखती है, थोड़ी टूटी हुई... लेकिन और भी सुंदर। कविता — नई शुरुआत के नाम पर:---🌅 “एक नई सुबह”थक चुकी थी मैं इंतज़ार से,टूट चुकी ...
“एक रूह, जो रह गई पीछे”जिस दिन मैंने तुम्हें देखा,उसी दिन दिल ने ये स्वीकारा।तुम्हें अपनाया मन से,रिश्ते को जोड़ा तन-मन से।हर हाल में साथ निभाना था,वक़्त चाहे जैसा भी आना था।बीमारी हो या जीवन की आंधी,साथ चलने की थी हमने शपथ बांधी।कहा गया — “कुछ दि...