🌹 “दुःख में भी तुम साथ हो” 🌹जब जीवन की राहों मेंअंधेरा गहराने लगता है,और हर अपना भीदूर सा नज़र आने लगता है…तब एक नाम दिल कोसुकून दे जाता है—💖Jesus Christ 💖जब आँसू चुपके सेतकिये को भिगोते हैं,और दिल के दर्दशब्दों में नहीं रोते हैं…तब तुम्हारी द...
💔“सात फेरों से अदालत तक”💔😭जिस दिन कानून के कागज़ मिले… उस दिन मेरी पूरी दुनिया हिल गई… हाथों में सिर्फ़ कुछ पन्ने थे, मगर उनमें मेरी पूरी ज़िंदगी टूटकर बिखरी पड़ी थी… 💔जिन रिश्तों को ईश्वर के सामने जोड़कर उम्रभर निभाने का वादा किया था… आज वही ...
💔“जब रिश्ता हार गया…” 💔जहाँ रिश्ता हार गया… और अदालत जीत गई, वहाँ उन वादों का क्या जो सात फेरों के बीच ईश्वर को साक्षी मानकर किए गए थे…?वो हाथ पकड़कर कहा गया — “हर हाल में साथ निभाऊँगा…” क्या सिर्फ़ एक रस्म था…? या वक्त के साथ एक झूठा सपना बन गय...
💔“अंधा कानून” 💔कहते हैं कानून अंधा होता है… शायद इसलिए उसे आँसू दिखाई नहीं देते, सिर्फ़ सबूत दिखाई देते हैं…पर दर्द का कौन-सा कागज़ होता है…? सच्चाई की कौन-सी मुहर होती है…? जो दिल रोज़ टूटता है, उसकी आवाज़ कहाँ दर्ज होती है…?आज झूठ भी सबूत लेकर...
🌹स्त्री, विश्वास और पवित्र नज़र 🌹स्त्री केवल एक रिश्ता नहीं होती,वह घर की दुआ होती है…थके हुए दिल की शांति,और विश्वास की आख़िरी उम्मीद होती है।जब वह प्रेम करती है,तो केवल शब्दों से नहीं—पूरी आत्मा से करती है।अपने सपनों को पीछे रखकर भीकिसी और के ...
🌹प्यार सिर्फ पाने का नाम नहीं… समझ का नाम भी है🌹ऐसा कैसे हो जाता है किहर किसी पर दिल आ जाए…जब एक बार अपना मन, अपना विश्वास,अपनी पूरी जिंदगी किसी हमसफ़र को सौंप दी,तो वही रिश्ता आख़िरी प्रेम बन जाता है।किसी शादीशुदा इंसान से मोहब्बत करनाशायद आसान...
कुछ यादें… वादों की तरह होती हैं,जो वक्त के साथ फीकी नहीं पड़तीं—बस दिल की तहों में और गहरी उतर जाती हैं…वादे सच में नहीं मरते,मर जाता है तो बस उन्हें निभाने का इरादा…और जब इरादा बदल जाए,तो इंसान भी बदल सा लगता है।पति-पत्नी का रिश्ता भी अजीब होता ...

🌹“मेरी गवाही” 🌹मैं वही हूँ…जिसे तुमने कभी अपना कहा था,आज वही अपने ही रिश्ते मेंकटघरे में खड़ा है…ना मैंने शोर किया,ना लड़ाई की…बस प्यार से हर बात समझाई थी,पर मेरी खामोशी को कमज़ोरी समझकर,तुमने ही मेरी दुनिया हिलाई थी…कोर्ट की उन सीढ़ियों पर,मैंन...
🌹“अंत तक विश्वास रखो” 🌹जब रास्तों पर अंधेरा गहरा हो जाए,और हर उम्मीद कहीं खो जाए…जब आँसू चुपचाप पलकों से बहें,और अपने भी पराये लगने लगें…तब यीशु धीरे से दिल में कहते हैं—“डरो मत… मैं तुम्हारे साथ हूँ।” 💖तूफानों से डरकर नाव मत छोड़ो,दुख देखकर अप...
🌹2 AM की खामोशी… 💔 ✍️ डॉ. सुरक सेल्वी चिन्नप्पनरात के 2 बजे हैं…दुनिया सो रही है,लेकिन मेरी सोच अब भी जाग रही है…कमरे की खामोशी मेंआज फिर तुम्हारी यादों की आवाज़ गूंज रही है…हर वो बात,जो कभी कह नहीं पाए…हर वो दर्द,जो कभी समझा नहीं गया…मैंने कई ब...
🌹“खामोशी की गवाही” 🌹किसी ने तेरी खामोशी को नहीं पढ़ा,ना तेरे आँसुओं की वजह समझी…सबको बस तेरी कहानी सुनानी थी,पर किसी ने तेरी सच्चाई नहीं परखी…जब तू कोर्ट की सीढ़ियाँ चढ़ी,हर नज़र ने तुझे तौला था…किसी ने चरित्र पर सवाल उठाया,किसी ने तेरे ज़ख्मों ...
🌹“मेरी गवाही” 🌹मैं वही हूँ…जिसे तुमने कभी अपना कहा था,आज वही अपने ही रिश्ते मेंकटघरे में खड़ा है…ना मैंने शोर किया,ना लड़ाई की…बस प्यार से हर बात समझाई थी,पर मेरी खामोशी को कमज़ोरी समझकर,तुमने ही मेरी दुनिया हिलाई थी…कोर्ट की उन सीढ़ियों पर,मैंन...
💔 “तलाक” — एक शब्द नहीं, टूटता हुआ संसार 💔✍️ डॉ. सुरक सेल्वी चिन्नप्पनआजकल “तलाक” कहनाकितना आसान हो गया है…जैसे ये कोई रिश्ता नहीं,बस एक औपचारिकता हो…मंदिर में जब फेरे लिए थे,ईश्वर को साक्षी मानकरवचन दिए थे…वो सात कदमसिर्फ़ कदम नहीं थे,दो रूहों ...
🌹आज फिर से डायरी खोली… 🌹✍️ डॉ. सुरक सेल्वी चिन्नप्पनआज फिर से डायरी खोली,तो कुछ सूखे फूलपन्नों से गिर पड़े…कुछ अधूरे वादे मिले,और कुछ नामअब भी दिल में लिखे पड़े…मगर इस बारआँसू नहीं आए…बस एक हल्की-सी मुस्कान आई… 😊क्योंकि अब समझ आया —हर खोना,खत्म...
🌹एक अधूरी प्रार्थना 🌹✍️ डॉ. सुरक सेल्वी चिन्नप्पनआज फिर से डायरी खोली… ✍️कुछ सूखे हुए फूलपन्नों से गिर पड़े…कुछ अधूरी यादेंफिर से साँस लेने लगीं…बरसों से आँखों में कैदकुछ आँसूआज शब्द बनकर बह निकले…कुछ शब्द हैं —जो आज भी दिल में छिपे हुए हैं…कुछ ...
🌹क्या सिर्फ़ जिस्म के लिए विवाह होता है?🌹एक तरफ़ की कहानी सुनकरजब झूठे दस्तावेज़ तैयार होते हैं,तब सिर्फ़ रिश्ते नहीं टूटते—कई दिल अंदर से हारते हैं।कागज़ों पर लिख देना आसान हैकि “कसूरवार” कौन था,पर क्या किसी ने ये समझाकि दर्द के पीछे सच कौन था?...
🌹वचन और फैसले🌹शादी सिर्फ दो नामों का मिलन नहीं,दो आत्माओं का विश्वास होती है,मंदिर में लिए गए सात वचनईश्वर के सामने कही गई आस होती है।जब अग्नि को साक्षी मानकरसाथ निभाने की कसम खाई जाती है,तो फिर रिश्ता टूटने की आवाज़दिल से पहले रूह तक जाती है।सो...

🌹फैसला किसका?🌹उन्होंने कहा—“रिश्ता खत्म।”पर सच ये था,वो जिम्मेदारी से भागे थे।निभा नहीं पाए जो वादा,उसे मेरी गलती बना दिया,अपनी कमज़ोरी छुपाने कोमेरे किरदार पर दाग़ लगा दिया।अगर हिम्मत थी—तो सामने आकर कहते,“हमसे नहीं होता”,कम से कम सच तो रहते।पर...
🌹“आज फिर डायरी खोल रही हूँ…”🌹आज फिर डायरी खोल रही हूँ…शायद इसलिए नहीं कि कुछ नया लिखना है,बल्कि इसलिए कि जो दिल में दबा है, उसे आज आज़ाद करना है।एक वक़्त था, जब ज़िंदगी एक खूबसूरत सपना लगती थी…शादी, वचन, साथ जीने–मरने के वादे—सब कुछ इतना सच्चा ल...
🌹“सवाल रिश्तों से” 🌹एक बात तो सच है…ना शादी करके सब खुश हैं,ना तलाक देकर सुकून मिला है,असल खुशी तो वहीं है,जहाँ दिल और संस्कारों का काफ़िला है।जब दो परिवार जुड़ते हैं,सिर्फ रस्में नहीं निभतीं,वो भरोसे की डोर होती है,जो हर सांस के साथ बंधती है।पर...
🌹“झुकाव का रिश्ता”🌹रिश्ते सिर्फ किस्मत से नहीं बनते,ये तो हर रोज़ निभाने पड़ते हैं…कभी शब्दों से, कभी खामोशी से,कभी खुद को समझाने पड़ते हैं…जहाँ “मैं” से ज़्यादा “हम” होता है,वहीं रिश्ता सच्चा लगता है…जहाँ जीतने की जिद कम हो,और समझने का दिल बड़ा...
🌹ऑनलाइन भी इंसानियत 🌹मेरी ये आदत…सबका ख्याल रखना—ये कोई साधारण बात नहीं,ये वो रोशनी हैजो अंधेरे स्क्रीन में भीइंसानियत जगा देती है…क्योंकि हर कोई नहीं समझता,कि हर “unknown” प्रोफाइल के पीछे भीएक पूरा रिश्ता होता है—किसी का बेटा, किसी का भाई,किसी...
🌹खुद के नाम एक ख़त🌹प्रिय मैं,मुझे पता है…तू थक गया है।हर बार समझते-समझते,हर बार खुद को पीछे रखते-रखते…तूने पूरी सच्चाई से चाहा,बिना शर्त, बिना हिसाब…और जब बदले में खामोशी मिली,तब भी तूने शिकायत नहीं की।पर अब सुन—इतना भी मत टूटकि खुद को जोड़ना मु...
🌹एक बेटी का सफ़र”🌹मैं modern नहीं, romantic भी नहीं,मैं बस अपने संस्कारों की परछाई हूँ।जिस रास्ते पर माँ-बाप ने चलना सिखाया,मैं उसी राह की सच्ची सिपाही हूँ।ना किसी का दर्द बनने की ख्वाहिश,ना किसी की आँखों में आँसू देने का इरादा,ज़ख्म खुद सह लिए ...
🌹“जब उसने खुद को चुना” 🌹‐-‐-‐‐( क्योंकि पूरी कहानी का असली मोड़ वहीं है,जहाँ लड़की दर्द, धोखे और टूटन के बादकिसी और के लिए नहीं…बल्कि खुद के लिए जीना चुनती है। )एक लड़की थी…नाम तो उसका आराध्या था,पर घर वाले उसे प्यार से आरू बुलाते थे। 🌹आरू बहुत...
🌹“कागज़ हार गए, रिश्ता जीत गया”🌹कभी-कभी रिश्ते अदालत में नहीं टूटते,वो तो बस अहंकार, गलतफहमियों और खामोशियों के बीच बिखर जाते हैं।और फिर…जब दो लोग सच में एक-दूसरे से मोहब्बत करते हों,तो जुदाई भी उन्हें पूरी तरह अलग नहीं कर पाती।उस ऑटो में बैठे द...
🌹हर चेहरा धोखा नहीं होता…” 🌹“हर चेहरे पे कोई और चेहरा होगा…”शायद सही कहा उसने…पर हर इंसान बदल जाए,ये भी तो ज़रूरी नहीं होता… कुछ लोग दर्द में भी वफ़ा निभाते हैं,टूटकर भी रिश्ता बचाते हैं…और कुछ लोग…सिर्फ़ हाल नहीं,खामोशी भी समझ जाते हैं… इसलिए अ...
🌹मेरी ज़िंदगी — एक अधूरी नहीं, खूबसूरत कहानी 🌹ज़िंदगी ने हर पन्ने परकुछ नया लिखना सिखाया है,कभी आँसुओं की स्याही से,तो कभी मुस्कुराहटों से रिश्ता निभाया है।मैं वो किताब हूँजिसे हर किसी ने समझना चाहा,पर मेरे दर्द की गहराई कोसिर्फ़ मेरे रब ने जाना...
कुछ यादें… वादों की तरह होती हैं,जो वक्त के साथ फीकी नहीं पड़तीं—बस दिल की तहों में और गहरी उतर जाती हैं…वादे सच में नहीं मरते,मर जाता है तो बस उन्हें निभाने का इरादा…और जब इरादा बदल जाए,तो इंसान भी बदल सा लगता है।पति-पत्नी का रिश्ता भी अजीब होता ...
नई डोर, नया सफ़र 🌹❤️🌹मालाओं की ख़ुशबू में बसा,एक नया अध्याय जन्मा था,फूलों-सी खिली मुस्कानें,जीवन का कारवाँ संवर रहा था।दो हाथ जुड़े, वचन लिए,आशाओं का दीप जल उठा,सपनों की उस दहलीज़ पर,हर रंग नया सा चढ़ उठा।पर जीवन सदा आसान कहाँ,कभी धूप, कभी छाँव...
आख़िरी ख़तआख़िर मान ही लिया मैंने—कि अब हम साथ नहीं चल पाएंगे…कितना भी चाहा समझना,पर हम एक-दूसरे को समझ नहीं पाएंगे।शुक्रिया तुम्हारा—मोहब्बत का मतलब सिखाने के लिए,और उसी मोहब्बत मेंदर्द का स्वाद चखाने के लिए।अब मैं थोड़ा दूर जा रहा हूँ,शायद मेरी ...
आख़िरी ख़तआख़िर मान ही लिया मैंने—कि अब हम साथ नहीं चल पाएंगे…कितना भी चाहा समझना,पर हम एक-दूसरे को समझ नहीं पाएंगे।शुक्रिया तुम्हारा—मोहब्बत का मतलब सिखाने के लिए,और उसी मोहब्बत मेंदर्द का स्वाद चखाने के लिए।अब मैं थोड़ा दूर जा रहा हूँ,शायद मेरी ...
मुस्कानों के पीछे की खामोशीहर मुस्कुराता चेहरा खुश नहीं होता,हर हँसी में सुकून का बसेरा नहीं होता।कुछ लोग दर्द को यूँ ओढ़ लेते हैं,जैसे वो उनकी पहचान ही हो—इतनी ख़ूबसूरती से छुपाते हैं जज़्बात,कि कोई उनके टूटने का एहसास तक नहीं कर पाता।वो सबसे ज़ो...
🌹“रिश्ते ‘मौका’ नहीं, ज़िम्मेदारी होते हैं”🌹💔आजकल कुछ दिलअजीब सा हिसाब रखने लगे हैं…रिश्तों में भी“मौका” ढूँढने लगे हैं…वो लड़कीजो रूठकर मायके चली गई,क्या सच में रिश्ता छोड़कर गई थी…?या बस चाहती थीकि कोई आए,उसे मनाकर फिर से घर ले जाए…?पर यहाँ क...

🌹 वादा 🌹वादा था साथ निभाने का,जीवन भर संग रहने का,दुख-सुख में भी ना छोड़ेंगे,ऐसा था प्रण कहने का।हर सुख में तू साथ रहा,हर हँसी में तेरा नाम था,पर जब आई जीवन में आँधी,तब तू कहीं गुमनाम था।शादी के वचन निभाने की,कोशिश मेरी पूरी थी,पर तेरा साथ छोड़ ...
🌹 “मेरे अंदर की आवाज़” 🌹तुम्हारी आँखों में जो चुप्पी है,वो सिर्फ खामोशी नहीं… एक कहानी है,हर सवाल के पीछे छुपा है एक संघर्ष,हर मुस्कान के पीछे अधूरी निशानी है।तुम वो आग हो जो राख में भी जलती है,तुम वो नदी हो जो चट्टानों से भी निकलती है,तुम्हें क...

🌹“अब मैं खुद से जुड़ गई”🌹कभी तेरा इंतज़ार थी मैं,आज खुद की पहचान बन गई हूँ…जो आँसू तेरे नाम से गिरते थे,आज वही मेरी मुस्कान बन गई हूँ।कभी हर जवाब तुझमें ढूँढती थी,आज हर सवाल खुद से करती हूँ…जो रास्ते तुझ तक जाते थे,अब उन पर खुद के कदम रखती हूँ।त...

“कैसे मैं फिर से ठीक हो जाऊँ…” 💔कैसे मैं फिर से ठीक हो जाऊँ,जब टूटना मेरी गलती ही नहीं था…जहाँ मुझे उसके सहारे की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी,वहीं उसने मेरा हाथ छोड़ दिया…जहाँ मुझे उसकी समझ की उम्मीद थी,वहीं उसने अपना असली चेहरा दिखा दिया…आज भी मैं खा...


“सवाल रिश्तों से” — एक भावुक गीत 🎶(Slow emotional melody)🎤 मुखड़ा (Chorus)एक बात तो सच है सुन लो,हर रिश्ता किस्मत नहीं होता…कुछ लोग साथ तो चलते हैं,पर दिल से अपना नहीं होता… 💔ना शादी करके सब खुश हैं,ना जुदाई में सुकून मिला,असल खुशी तो वहीं मिली...
1🌹“सवाल रिश्तों से” 🌹एक बात तो सच है…ना शादी करके सब खुश हैं,ना तलाक देकर सुकून मिला है,असल खुशी तो वहीं है,जहाँ दिल और संस्कारों का काफ़िला है।जब दो परिवार जुड़ते हैं,सिर्फ रस्में नहीं निभतीं,वो भरोसे की डोर होती है,जो हर सांस के साथ बंधती है।प...
🌹अधूरा इश्क़ 🌹इतनी मोहब्बत न सिखा ऐ खुदा,कि खुद से ज़्यादा कोई और हो जाए,दिल टूटे अगर कभी उसका,तो दर्द मेरी पहचान बन जाए…राधा को रोता छोड़ गए थे “कान्हा”,मीरा को भी कहाँ मिल पाए थे “मोहन”,राधा का प्रेम आज भी अधूरा है,मीरा का इश्क़ मगर गहरा और पा...
🥀 “अगर मैं कभी तुम्हारी थी…” 🥀अगर मैं कभी तुम्हारे लिए कुछ भी थी…तो मुझे जाने देना तुम्हारे लिए इतना आसान क्यों था?मैं उन यादों को थामे रही,जिनकी फिक्र शायद सिर्फ मुझे ही थी…मैं उस एक पैगाम का इंतज़ार करती रही,जो कभी आया ही नहीं…तुम दूर होते गए…...
🌹 “शादी… वचन भी, और सच भी” 🌹शादी कोई खेल नहीं,जो हर मोड़ पर दोहराई जाए…ये वो वचन है,जो दिल से निभाई जाए…एक बार जो किसी को अपना कहा,वो एहसास कहीं खोता नहीं…चाहे वो पास हो या दूर,दिल उसे यूँ ही छोड़ता नहीं…आजकल लोग कहते हैं—“ज़िंदगी दोबारा शुरू कर...
रिश्तों की कीमत और एक शब्द ‘तलाक’”आजकल “तलाक” कहना कितना आसान हो गया है…जैसे एक शब्द नहीं, बस एक औपचारिकता हो गई हो।मंदिर में जब फेरे लिए थे,ईश्वर को साक्षी मानकर वचन दिए थे,वो सात कदम सिर्फ कदम नहीं थे,दो रूहों का एक सफ़र तय हुआ था…पर आज वही रिश्...
तलाक… और दो परिवार”तलाक… इतना आसान?या यूँ ही बोल देना…?तीर की तरह चुभती है ये बात,सीधे दिल के पार उतर जाती है।एक लफ़्ज़,पर असर उम्र भर का…जिसे कहने में पल भर लगता है,पर सहने में ज़िंदगी लग जाती है।जिसने रिश्ते को दिल से जिया हो,हर वादे को सच माना ...

“आख़िरी ख़त… पर अपने नाम”आख़िर मान ही लिया मैंने,कि हम साथ नहीं चल पाएंगे…कितना भी चाहा समझना,हम एक-दूसरे को समझ नहीं पाएंगे।शुक्रिया तुम्हारा—मोहब्बत का मतलब सिखाने के लिए,और उसी मोहब्बत मेंखुद को खो देने का एहसास दिलाने के लिए।अब मैं थोड़ा दूर ज...
“खामोश देखभाल”जब कोई बीमार पड़ता है,तो लोग फर्ज़ निभाने चले आते हैं,हाथ में फल, चेहरे पर मुस्कान,और दिल में बस थोड़ी-सी औपचारिकता लाते हैं।कुछ देर में माहौल बदल जाता है,बातों में हल्कापन, हँसी का शोर…और जो बिस्तर पर पड़ा है,वो बस देखता रह जाता है ...
अनपढ़े जज़्बातलिखा था मैंने सब कुछ,हर एहसास, हर सवाल…पर भेजने से पहले हीडिलीट कर दिया हर बार।डर था—फिर वही खामोशी मिलेगी,जहाँ मेरी बातें होंगी,और तुम्हारा कोई जवाब नहीं।मैं हर रात इंतज़ार करता रहा,कि तुम्हारा नाम स्क्रीन पर चमकेगा…पर कुछ नाम सिर्फ...
मैं, मेरा हुमसफ़र… और सीखवो रिश्ता जो नाम से मेरा था,पर एहसासों में कहीं अधूरा था…मैं निभाती रही हर किरदार,पर शायद वहाँ मेरा होना ही अधूरा था।मैंने उसे अपना रब सा माना,उसकी खुशी में खुद को भुला दिया,हर खामोशी को इशारा समझा,और हर दूरी को भी प्यार म...
एक जवाबी ख़त लिखते हैं—ऐसा, जैसे वो कभी कह नहीं पाया… अनकहा जवाब(2)तुम्हारा ख़त मिला…और सच कहूँ, पढ़ते-पढ़तेकई बार रुका मैं—क्योंकि हर लफ़्ज़ मेंअपना ही नाम लिखा पाया।तुम सही थे…हम सच में साथ नहीं चल पाए।पर ये भी सच है—कि मैंने कोशिश ही नहीं कीतुम...
आख़िरी ख़तआख़िर मान ही लिया मैंने—कि अब हम साथ नहीं चल पाएंगे…कितना भी चाहा समझना,पर हम एक-दूसरे को समझ नहीं पाएंगे।शुक्रिया तुम्हारा—मोहब्बत का मतलब सिखाने के लिए,और उसी मोहब्बत मेंदर्द का स्वाद चखाने के लिए।अब मैं थोड़ा दूर जा रहा हूँ,शायद मेरी ...
:मैंने तुम्हें रोका क्यों नहीं…मैंने तुम्हें जाते हुए देखा था,हर कदम के साथअपने अंदर कुछ टूटते हुए महसूस किया था…दिल ने हज़ार बार कहा—“रोक लो उसे…”मगर मैंने अपने ही दिल कोखामोशी से मना लिया था।कह सकती थी— “मत जाओ”,तुम्हारा हाथ थाम सकती थी…पर अगर म...
सिर्फ तुम्हारे लिएमैंने वो सब किया,जो मैं कभी नहीं करता…सिर्फ तुम्हारे लिए।रातों को नींद से रिश्ता तोड़ दिया,सिर्फ तुमसे कुछ पल बात करने के लिए।अपने हर दर्द को मुस्कान में छुपा लिया,सिर्फ तुम्हारी एक हँसी देखने के लिए।मैं खुद से भी लड़ता रहा,हर बा...
अगर हम फिर कभी मिले…शायद किसी दिन,ज़िंदगी के किसी अनजाने मोड़ पर,हम आमने-सामने खड़े होंगे—तुम… और मैं।शायद तुम्हारी ज़िंदगी आगे बढ़ चुकी होगी,किसी अपने के साथ, किसी अपनेपन में…तुम्हारे लिए वो बस एक और दिन होगा,मगर मेरे लिए—जैसे एक पूरी उम्र ठहर गई...
खामोशी में बिछड़नाहमने कभी सोचा भी नहीं था,कि हमारी कहानी यूँ ख़त्म होगी—न कोई शोर, न कोई इल्ज़ाम,बस खामोशी की चादर में लिपटी हुई दूरी होगी।न कोई बड़ी लड़ाई हुई,न कोई आख़िरी अलविदा…बस दो दिल थे,जो धीरे-धीरेएक-दूसरे से दूर होते गए।बातें धुंध में खो...
आख़िरी मोड़ से पहलेजाने से पहले…बस इतना बता दो—क्या कभी मेरा एहसास तुम तक पहुँचा था?क्या उस मोहब्बत का कोई कतरातुम्हारे दिल में ठहरा था,जिसे मैंने सिर्फ तुम्हारे नाम किया था?मैंने तो चुपचाप सब कुछ तुम्हें दे दिया—अपना वक़्त, अपनी फिक्र,और ये बेपरव...
मुस्कानों के पीछे की खामोशीहर मुस्कुराता चेहरा खुश नहीं होता,हर हँसी में सुकून का बसेरा नहीं होता।कुछ लोग दर्द को यूँ ओढ़ लेते हैं,जैसे वो उनकी पहचान ही हो—इतनी ख़ूबसूरती से छुपाते हैं जज़्बात,कि कोई उनके टूटने का एहसास तक नहीं कर पाता।वो सबसे ज़ो...
खामोशियों का हिसाबअगर मैं कभी तुम्हारी दुनिया का हिस्सा थी,तो यूँ बेआवाज़ चले जाना इतना आसान कैसे था?मैंने तो हर लम्हा संभाल कर रखा,उन यादों को भी… जिनकी परवाह शायद सिर्फ मुझे थी।एक छोटे से पैगाम की उम्मीद में,मैंने कई रातें आँखों में काट दीं—पर त...
अधूरी प्रार्थना✍️ डॉ. सुरक सेल्वी चिन्नप्पनकुछ शब्द हैं — जो हृदय में छिपे हुए हैं,कुछ आँसू हैं — जो अब तक गिर नहीं पाए हैं।आज सोचा — इन्हें शब्दों में कह दूँ,शायद तब तुम मेरे मौन को सुन पाओगे।जिस क्षण तुमसे मिली, समय थम-सा गया,दिल ने कहा — “यही ह...
🌹 वादा 🌹वादा था साथ निभाने का,जीवन भर संग रहने का,दुख-सुख में भी ना छोड़ेंगे,ऐसा था प्रण कहने का।हर सुख में तू साथ रहा,हर हँसी में तेरा नाम था,पर जब आई जीवन में आँधी,तब तू कहीं गुमनाम था।शादी के वचन निभाने की,कोशिश मेरी पूरी थी,पर तेरा साथ छोड़ ...
दिल की गहरी आवाज़ 🌹रात की ख़ामोशी में, दिल धीरे से रोता है,अधूरे से सपनों का हर कोना सोता है।हाथों से फिसलते रिश्तों की ये कहानी,अंदर ही अंदर एक तूफ़ान संजोता है।वो लम्हे, जब तू मेरे साथ था,अब बस धुंधली सी यादों में कैद हैं।क्या खोया, क्या पाया—स...
मैं तुम्हारे कॉल का इंतज़ार करती रही 🌹😢मैं तुम्हारे मैसेज का इंतज़ार करती रही,मैं तुम्हारे कॉल का इंतज़ार करती रही।तुमने कहा — “मैं सुरक्षित हूँ माँ-बाप के पास”,तो फिर एक आवाज़ देने में कैसी देर लगी?तुम भूल गए वो शादी का दिन,वो वादा, वो आँसू, वो...
कुछ यादें… वादों की तरह होती हैं,जो वक्त के साथ फीकी नहीं पड़तीं—बस दिल की तहों में और गहरी उतर जाती हैं…वादे सच में नहीं मरते,मर जाता है तो बस उन्हें निभाने का इरादा…और जब इरादा बदल जाए,तो इंसान भी बदल सा लगता है।पति-पत्नी का रिश्ता भी अजीब होता ...
🌹 नई डोर, नया सफ़र 🌹❤️🌹मालाओं की ख़ुशबू में बसा,एक नया अध्याय जन्मा था,फूलों-सी खिली मुस्कानें,जीवन का कारवाँ संवर रहा था।दो हाथ जुड़े, वचन लिए,आशाओं का दीप जल उठा,सपनों की उस दहलीज़ पर,हर रंग नया सा चढ़ उठा।पर जीवन सदा आसान कहाँ,कभी धूप, कभी छ...
🌹 दिल की गहरी आवाज़ 🌹रात की ख़ामोशी में, दिल धीरे से रोता है,अधूरे से सपनों का हर कोना सोता है।हाथों से फिसलते रिश्तों की ये कहानी,अंदर ही अंदर एक तूफ़ान संजोता है।वो लम्हे, जब तू मेरे साथ था,अब बस धुंधली सी यादों में कैद हैं।क्या खोया, क्या पाय...
“हार से मोहब्बत तक”ज़िंदगी में ऐसे मोड़ आते हैं,जब इंसान अंदर से टूट जाता है…पर उसी टूटन के साए में कहीं,एक नया हौसला भी जन्म लेता है।हार कभी आख़िरी सच नहीं होती,वो तो बस एक अधूरी कहानी है…जिसे अपने दर्द के लफ़्ज़ों से,इंसान खुद पूरा करना जानता है...
मेरे अंदर की आवाज़ तुम्हारी आँखों में जो चुप्पी है,वो सिर्फ खामोशी नहीं… एक कहानी है।हर सवाल के पीछे छुपा है एक संघर्ष,हर मुस्कान के पीछे अधूरी निशानी है।तुम वो आग हो जो राख में भी जलती है,तुम वो नदी हो जो चट्टानों से भी निकलती है।तुम्हें कमजोर सम...
Mere Humsafar — यह सिर्फ़ किताब नहीं, मेरी आवाज़ है।"“कभी छोड़ दिया, कभी टूट गया — पर फिर भी मैंने सीखा खुद को सशक्त बनाने का रास्ता। "🌹 कवयित्री के बारे मेंडॉ. सुरक सेल्वी चिन्नप्पनसमाज के बीच रहकर भी मैंने हमेशा महसूस किया है —हर किसी...

1- 🌹 मेरे हमसफ़र,🌹 कुछ अल्फ़ाज़ हैं जो दिल में दबे हैं,कुछ आंसू हैं जो अब तक रुके हैं।इसलिए सोचा, आज लफ़्ज़ों से बात कर लूं —शायद तुम्हें मेरी ख़ामोशी सुनाई दे जाए।🌹❤️🌹तुम्हें देखा, तो सब कुछ रुक सा गया,दिल ने कहा — यही है, और कुछ ...

1🌹“मैं टूटी नहीं”🌹एक तस्वीर थी, मुस्कान थी कोमल,सपनों की डोरी, दिल में थी निर्मल।वो वादे थे जो निभ नहीं पाए,राहें जुदा हुईं, अरमान छूट जाएँ।तूने दिखाए झूठे सपनों के रंग,सच की चुभन से लहूलुहान हर ढंग।कहा मुझे “पागल”, गिराने की चाह रखी,पर मैंने हर...

बहुत बढ़िया 😊🌷तो अगली कविता हम "नई शुरुआत" (New Beginning) पर बनाएँगे — जहाँ दर्द पीछे छूटता है और आत्मा फिर से जीना सीखती है, थोड़ी टूटी हुई... लेकिन और भी सुंदर। कविता — नई शुरुआत के नाम पर:---🌅 “एक नई सुबह”थक चुकी थी मैं इंतज़ार से,टूट चुकी ...
“एक रूह, जो रह गई पीछे”जिस दिन मैंने तुम्हें देखा,उसी दिन दिल ने ये स्वीकारा।तुम्हें अपनाया मन से,रिश्ते को जोड़ा तन-मन से।हर हाल में साथ निभाना था,वक़्त चाहे जैसा भी आना था।बीमारी हो या जीवन की आंधी,साथ चलने की थी हमने शपथ बांधी।कहा गया — “कुछ दि...