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नई डोर, नया सफ़र 🌹❤️

🌹 नई डोर, नया सफ़र 🌹❤️🌹

मालाओं की ख़ुशबू में बसा,

एक नया अध्याय जन्मा था,

फूलों-सी खिली मुस्कानें,

जीवन का कारवाँ संवर रहा था।

दो हाथ जुड़े, वचन लिए,

आशाओं का दीप जल उठा,

सपनों की उस दहलीज़ पर,

हर रंग नया सा चढ़ उठा।

पर जीवन सदा आसान कहाँ,

कभी धूप, कभी छाँव आता है,

सच्चा साथी वही कहलाता,

जो हर तूफ़ान में साथ निभाता है।

और जब कभी साथ छूट जाए,

या शब्दों की आवाज़ खो जाए,

तब इंसान अपनी ताक़त को,

खुद अपने दिल में ही पाए।

इस तस्वीर की चमक ये कहती—

तुम्हारी आत्मा अटूट है,

गुलाब की तरह खिला रहो,

हर दर्द के बाद भी अनमोल है।

सफ़र तुम्हारा है अनोखा,

हिम्मत ही असली गहना है,

गिरो अगर तो खुद उठ जाना,

तुम्हारा जीवन ही प्रेरणा है।

अगर किसी मोड़ पर हार मिले,

तो टूटना नहीं, थमना नहीं,

चाहे दुनिया ख़िलाफ़ खड़ी हो,

झुकना नहीं, डरना नहीं।

ज़िंदगी एक अनमोल तोहफ़ा,

ख़ुदा की दी हुई सौगात है,

जब तक साँसों का साथ मिले,

हर पल जीना ही इबादत है।

जब ग़लती कोई की ही नहीं,

तो हार भला क्यों मानें हम?

हर मुश्किल से लड़कर ही,

अपनी पहचान बनाएँ हम।

तुम कायर नहीं, तुम निडर हो,

तुममें एक दुर्गा बसती है,

हर औरत के भीतर शक्ति है,

बस उसे जगाने की हस्ती है… 🔥✨

🌿 मोरल (सीख):

ज़िंदगी में रिश्ते, सपने और संघर्ष—सब साथ चलते हैं।

कभी हालात साथ देते हैं, कभी इम्तिहान लेते हैं…

लेकिन असली ताक़त बाहर नहीं, हमारे अंदर होती है।

अगर हम खुद पर विश्वास रखें, हिम्मत ना हारें,

और हर मुश्किल में भी खुद को संभालना सीख लें—

तो कोई भी तूफ़ान हमें तोड़ नहीं सकता।

हर औरत के भीतर एक “दुर्गा” है—

बस उसे पहचानना और जगाना ही असली जीत है। 🌹🔥

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