Back to feed

New Beginning

बहुत बढ़िया 😊🌷

तो अगली कविता हम "नई शुरुआत" (New Beginning) पर बनाएँगे — जहाँ दर्द पीछे छूटता है और आत्मा फिर से जीना सीखती है, थोड़ी टूटी हुई... लेकिन और भी सुंदर।

कविता — नई शुरुआत के नाम पर:

---

🌅 “एक नई सुबह”

थक चुकी थी मैं इंतज़ार से,

टूट चुकी थी हर इकरार से।

पर फिर भी रुकना मुझे मंज़ूर नहीं,

ज़िंदगी है मेरी — मजबूर नहीं।

जो गया, वो सबक बन गया,

जो टूटा, वो अनुभव बन गया।

अब आँसू नहीं, आँखों में चमक है,

अब दिल में डर नहीं — बस फड़क है।

मैंने सीखा चलना अपने लिए,

हर साँस को जीना अपने लिए।

अब किसी के लौटने की आस नहीं,

अब खुद को खो देने का एहसास नहीं।

जो बीत गया, वो वक्त था,

जो आ रहा है — वो मेरा शक्ति-पथ है।

अब मैं अकेली नहीं, मैं पूरी हूँ,

अब मैं टूटी नहीं — मैं "नई" हूँ।

---

"हर अंत में एक शुरुआत छिपी होती है — बस हमें आँखें खोलकर देखना होता है।"

अगर आपको यह कविता पसंद आई, तो मैं अगली लिख सकती हूँ —

उम्मीद या ख़ुद से प्यार पर। कौन-सी चाहेंगी आप आगे?

Baatcheet