दिनाँक_27_05_2026#विषय_दहेज#स्वरचित बेटी भी दो और दौलत भी दो दुनिया ने कैसी ये रीत बनाई lदहेज के दानवों ने बेटीयों की खुशियो की बोली लगाई lपिता नें सब दिया पर लालची निगाहों को कमी नजर आई lतिल तिल जलती तानों के तीर सहती अपना फर्ज वो निभाई lभूखे दान...

दिनाँक_21_05_2026 #स्वरचित "प्रेम और एक कप चाय"चाय सिर्फ एक पैय नहीं एक अह्सास है iहर दिल के,हर महफिल की ये खास है iअमिर हो या गरीब सब के घर की शान है lछोटा हो या बड़ा सबकी इसमें बसती जान है lहर घर मे माँ की चाय हमारे घर मे पापा की चाय का जलवा है ...

दिनाँक_21_05_2026स्वरचित एक इंसान जिससे मेने बहुत कुछ सीखा "पापा" हैं l यह जीवन एक बहती धारा कभी धूप कभी ठंडी छाया है बचपन की अल्हड किलकारी जवानी में जिम्मेदारी भारी lबुढ़ी आँखों में अब सन्नाटे जीवन भर संघर्ष में जो काटे है lजिंदगी में कभी है सुख ...

विषय_चुपके_चुपकेस्वरचित दिल मेरा चुपके चुपके कहीं खो जाता है lतन्हा अकेला रातों में अकेला रोता है lखामोशी से यादों मे माँ की खो जाता हैं lकभीअलमारियों में रखे सामान में उसे ढूँढता हैं lकभी उनकी लोरियों को याद कर मायूस हो जाता है l शिकवे शिकायत भी ...

#विषय_भीगी_भीगी_एक_शाम#स्वरचित वो भीगी भीगी एक शाम थी आँखों में कुछ नमी थी lबरसती बूँदों के साथ बहती यादो की झड़ी थी lमिलने की खुशी और तेरे दीदार की आरज़ू थी lएक बार मिलने को सालों का इंतजार बहुत बड़ा था lहर पल भारी लगता था मानो वक्त जेसे रुक जाता...

दिनाँक_19_05_2026विषय_पत्थरस्वरचितपत्थर हूँ मैं मुझमें भी नमी हैं दर्द मुझे भी होता है पर सब समझते मुझमे ये कमी है lछेनी हथौड़े की मार जब पडी दर्द मुझे भी होता पर उफ्फ भी नहीं करता मेरा दर्द मुझमे दबा है lमेरा रूप बदल बदल मुरत बनाई जाती कल तक पैरो...

यह जीवन एक बहती धारा कभी धूप कभी ठंडी छाया है बचपन की अल्हड किलकारी जवानी में जिम्मेदारी भारी lबुढ़ी आँखों में अब सन्नाटे जीवन भर संघर्ष में जो काटे है lजिंदगी में कभी है सुख के फूल तो कभी दुख के काँटे भी lजीवन तो चलते जाना हैं राहों में चाहें मुश...
