#दिनाँक_13_06_2026
#विषय_ध्वनि_प्रदूषण
#स्वरचित
आधुनिकता की दौड़ में मोटर गाड़ियां के शोर में l
खो जाती है चिडियों की चहचहाहट नए दौर में l
हर तरफ शोर है मशीनों की आवाजों का शोर है l
भारी भरकम डीजे की आवाज पर गूंजता हर छोर हैं l
कानों में चुभती के हॉर्न की आवाज धड़कने बड़ती शोर से l
सो नहीं पाती बुढ़ी आँखें छोटे बच्चों का डर से बुरा हाल रे l
दुनिया मे चारों ओर ध्वनि प्रदूषण का मचा कैसा कोहराम ये l
छिन गया दिन का सुकून रात को भी ना हो पाए आराम रे l
प्रगति की दौड़ कैसी पेड-पौधे सहमे खड़े दिनरात के शोर से l
पशु-पक्षी भी धुन अपनी भूले मानव भी त्रस्त है इस दौर में l
आओ सब मिल संकल्प करें ध्वनि पप्रदूषण को थोड़ा कम करे
अपनी इस धरती को फिर से शांत ,खुशहाल और सुन्दर सँवारे l
काजल मनीष जैन
राजस्थान