
दिनाँक_15_06_2026
विषय_खोटा_सिक्का
स्वरचित
जिसे समझा जाता है बेकार वही लाज बचाता हैं l
कल तक जेब की शान बढ़ाता आज वो खोटा सिक्का कहलाता है l
समय समय की बात हैं और समय सबका आता है
पर इस दुनिया में कोई भी चीज़ बेकार नहीं होती है l
परखने वाली नजरे होनी चाहिए कोयले में हीरा पहचान जाता है l
खोटा समझ कर जिसे दुत्कारते सभी वही किसी दिन काम आता है l
काजल मनीष जैन
राजस्थान