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साहस और प्रेरणा दो कविताएँ

#दिनाँक_04_06_2026

#विषय_साहस

#स्वरचित

गिरना तो शुरुआत है गिर कर सम्भलने की तो क्या ही बात हैं l

उठ ज़रा फिर से कदम बड़ा अभी है धरती पर छूना आकाश है

चुनौतियों के पहाड़ चढ़ जा तेरा साहस ही तेरी पहचान है l

दूर कर बाधाओं के हर पत्थर सफलता करेगी तुझे सलाम है l

काजल मनीष जैन

राजस्थान

#विषय_प्र_अक्षर_रचना_चार_पंक्तियाँ

#स्वरचित

जो प्रेरणा बन कर दिखाते हैं मुझे रास्ता l

ताकत बन बहती है मेरी रगों में आस्था l

हार कर भी उठ खड़ा होता हूँ जब देते साथ l

मेरे हौसले के पीछे है मेरे महादेव का हाथ l

काजल मनीष जैन

राजस्थान

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