
दिनाँक_21_05_2026
#स्वरचित
"प्रेम और एक कप चाय"
चाय सिर्फ एक पैय नहीं एक अह्सास है i
हर दिल के,हर महफिल की ये खास है i
अमिर हो या गरीब सब के घर की शान है l
छोटा हो या बड़ा सबकी इसमें बसती जान है l
हर घर मे माँ की चाय हमारे घर मे पापा की चाय का जलवा है lसुबह शाम की चाय हो या कोई मेहमान पापा की चाय मिलती है l एसा नहीं मम्मी नहीं बनाती पर पापा ने हमेशा चाय बनाई है l मम्मी कभी ने कभी पापा ने रोज बनाई है l माँ दूसरे काम मे व्यस्त पापा भी चाय बना करते मदद l काम पर से आते आते ही पहले चाय बनाते lहमे भी बहुत भाँति वो चाय चूल्हा पर जो बनतीं थी l पापा दूध लाते चूल्हा जलाते सभी भाई बहन आकर पास बैठ जाते l चाय ना बने जब तक वही धरे रहते चाय पी अपने रास्ते चल लेते l पापा के हाथ की चाय पी बचपन हमारा गुजरा है अब भी पापा के हाथ की चाय ही सहारा है l मायके जाओ जब वो ही चाय बनाते उनके हाथ की चाय पी हम भी बचपन अपना जी लेते l उनकी उम्र बड़ी हम बड़े हुऐ पर उनके हाथ की चाय आज भी वही कड़क मीठी जो दिल को सुकून देती है l उन्हें भी मीठी चाय ही भाँति है l हाँ मम्मी को ज्यादा मीठी लगती थी इस बात पर दोनो में मीठी नोक झोंक भी चलती थी l पर इतने प्यार से बनी चाय थी जिसे पीने को मम्मी भी हारी थी l प्रेम भरी चाय की ये प्याली गुज़रे वक्त की जिसमें यादे कितनी सारी थी l इस चाय मे पापा का प्रेम बसता है जो चाय के साथ हम पर बरसता है l है पापा के हाथ की चाय अनोखी पापा के दिल का हिस्सा हमे बनाती है lजुड़े है हम भी उनसे जेसे चाय और उनका परिवार एक जैसे lअकेले की नहीं सबके लिए चाय वो बनाते हैं प्रेम से मान मनुहार करके पिलाते है l हे चाय और उनका रिश्ता गहरा हर कोई समझ नहीं पाता है l सारा जीवन का उनका इससे नाता है l उनके बचपन से लेकर पोते पोती खिलाने की उम्र तक का सफर पुराना है l अफसोस थोड़ा इसमे समाया है माँ का साथ थोड़ा कम पड़ गया जो प्रेम भरे हर एक कप के साथ उनकी याद दिलाता है l याद आती उनकी भी जब गिने हुऐ कप में एक कप कम नजर आता है l सारे सदस्यों के साथ खींची तस्वीर में एक सदस्य कम नजर आता है l यादो का ये सफर है जो चाय के साथ चलता है हे हम पापा की हाथ की चाय के दीवाने एसा स्वाद और कहीं नहीं मिलता है l
चाय का मतलब जब से जाना आपकी चाय का स्वाद पाया है lपापा आपकी चाय और आपके प्रेम का ही हमे सहारा है l
आप दोनों ने जो उम्र भर की मेहनत उससे जीवन हमने खुशहाल पाया है l
लव यू पापा मिस यू माँ
काजल मनीष जैन
राजस्थान