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स्वर्णिम

#दिनाँक_02_06_2026

#विषय_स्वर्णिम

#स्वरचित

तुम्हारें पसीने की हर बूंद जब मोती सी चमकेगी l

संकल्प की दृढ़ शक्ति मन मे हो स्वर्णिम छवि निखरेगी l

बीत गया जो वो कल था आने वाले कल में सफलता मिलेगी l

अंधकार को दूर कर खुशियो की जीवन में नई ज्योति जलेगी l

अपने सपनों को पंख दो कल्पनाओं को नयी उड़ान मिलेगी l

लिखेगा स्वर्णिम शब्दों में नाम जब सफ़लता कदम चुमेगी l

छू लो आसमान की ऊँचाइयों को स्वर्णिम इतिहास लिखेगा l

मेहनत से ही भाग्य बदलता पसीने की ये खुशबु कहती l

कर्मों से ये किस्मत चमकेगी सच्ची मेहनत ये होगीं करनी l

काजल मनीष जैन

राजस्थान

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