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रिश्ते निभाना

विषय_रिश्ते निभाना

स्वरचित

इक शिद्दत से जो निभाते हैं रिश्ते

उन्हीं रिश्तों में इक उम्र बीता आते है l

छोड़ के जाने वाले तो साथ होते भी छोड जाते है

निभाने वाले तो बेवजह भी निभा जाते हैं lll

क्यूंकि??

जिन्हें होती रिश्तों की कदर उन्हें हर हाल में रिश्ते निभाने होते है l

सुख मिले या दुख खुशी मिले या ग़म चाहे हो केसे भी हालात साथ देते है l

छोड़कर जाने वाले को रिश्ते से ज्यादा अपना स्वार्थ प्यारा होता है l

हर छोटी बात को बड़ा बना कर सामने वाले को नीचा दिखाना होता है l

करते दिखावा अपनेपन का उन्हें तो बस अपना का निकालना होता है l

काजल मनीष जैन

राजस्थान

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