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Arshiya Anjum

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Life Lessons

कविता – परिपक्वता

जहाँ शब्द प्रथम आएँ,भाव छान दिए जाएँ,संवेदनाएँ तर्कों की तुला परऔर कर्तव्यों को कसौटी बताया जाए।अधिकारों पर कालिख पोतकर,रिश्तों को वर्गीकृत कर दिया जाए –कहानी ऐसी हो,जहाँ मध्यांतर आते-आतेस्वयं को ही शीर्षक बना दिया जाए।ऐसी दुनिया से चलकर आती हूँ,प...

Arshiya Anjum
1m read330
Personal Story

कविता – " अब जो शेष है..."

अभिलाषा तो गगन छूने की थी,आकांक्षा सब कुछ जीत लेने की थी,सपनों की उड़ान सीमा से परे थी।किंतुव्यंजनों की सुगंध,सफाई की चमकऔर सुंदर छवि के प्रयत्न में,कब महत्वाकांक्षाओं पर धूल जम गई,जब तक समझने की सुध लेती,लंबा सफर तय कर गई।अब जो शेष है,उससे लड़ने ...

Arshiya Anjum
1m read390
Life Lessons

कविता – "स्त्री"

प्रिय स्त्री,तन, मन और जीवनसब समर्पित हों,तभी तुम्हारा अस्तित्व है।अपने सपनों कोकिसी कोने में सजा कर रख दो,और इस भ्रम से बहल जाओ“इतनी आज़ादी तो है!”तभी तुम्हारा व्यक्तित्व है।सेवा करते-करतेबीमारियों से खोखला हो जाए शरीर,किंतु चेहरे परसंतुष्टि का म...

Arshiya Anjum
1m read620
Life Lessons

अंतर्मन

हम दिनचर्या के ऊब-भरे कामों से तंग भी रहते हैं, और उन्हें छोड़ने का साहस भी नहीं कर पाते। और तो और, हम अपने सबसे पसंदीदा काम को छोड़ देते हैं, लेकिन रोज़मर्रा के कामों को कुछ देर के लिए भी नहीं टालते। फिर मन में कुंठा, अवसाद और निराशा लेकर ढोते रह...

Arshiya Anjum
1m read630
Life Lessons

समय के साथ....

समय के साथ कितना कुछ परिवर्तित हो जाता है, हम कल्पना भी नहीं कर सकते। एक समय था कि लगता था सब कुछ हासिल कर सकते हैं। जोश का स्तर इतना ऊँचा था कि यूपीएससी जैसी परीक्षा भी मुश्किल नहीं लगती थी। भीतर इतनी ऊर्जा थी कि कुछ भी असंभव नहीं लगता था। हर समय...

Arshiya Anjum
2m read680
Book Review

"दीवार में एक खिड़की रहती है"- एक सहज विश्लेषण

इन दिनों अध्ययन में है यह किताब ; जिसने अपनी सरलता से मन मोह लिया है। कहानी में कुछ नया और असाधारण कुछ नहीं घटता मगर जो साधारण है वही तो कथा का अविस्मरणीय पहलू है।आज जब हर कहानी अपने विशेष और विभिन्न होने को लेकर सबको आकर्षित करना चाहती है ऐसे में...

Arshiya Anjum
1m read700
Personal Story

ज्ञान और विद्वता की भव्यता

मैने हमेशा तथ्यों, अनुभवों और आदर्शों पर बात की है। आज मन है एक क़िस्सा सुनाने का, तो चलिए शुरू करते हैं।यह क़िस्सा है मेरे बचपन का। मैं शायद 10 साल की थी, प्राइमरी की किसी कक्षा में पढ़ती थी, सटीक याद नहीं। एक दिन एक हेलीकॉप्टर की आवाज़ सुनी, तो ...

Arshiya Anjum
4m read640
Personal Story

जब ज्ञान अहंकार बन जाए

ज्ञान और विवेक दोनों का संतुलन और समन्वय नितांत आवश्यक है, वरना जो ज्ञान आपको लोकप्रिय और प्रसिद्ध करता है या सृष्टि को हितकारी एवं सृजनात्मक दिशा देता है, वही ज्ञान इंसान की दशा खराब कर देता है और विध्वंसक भी साबित होता है।और यदि ऐसा न भी हो, तब ...

Arshiya Anjum
1m read730
Personal Story

जीवन में उत्साह ज़रूरी क्यों है

पिछले कुछ दिनों के अनुभव ने यह सिखाया कि जीवन में उत्साह तभी आता है, जब कुछ क्रियात्मक या सृजनात्मक किया जाए। वरना ज़िंदगी सिर्फ गुज़र जाती है और होश तब आता है, जब तमाशा ख़त्म हो जाता है। फिर सिवाय पछतावे के कुछ शेष नहीं रहता।इंसान की न जाने कौन-स...

Arshiya Anjum
1m read781
Personal Story

अंतर्दृष्टि

मेहनत और ईमानदारी से किए गए कार्य को जब समर्थन या सराहना नहीं मिलती है तो बहुत आश्चर्य होता है कि क्या संसार में सफलता के मानक शत- प्रतिशत बदल गए हैं ?? क्या संतों, महात्माओं की वाणी प्रभावहीन हो गई है और क्या वास्तव में आदर्श केवल किताबों में ही ...

Arshiya Anjum
1m read900
Personal Story

अंतर्मन - कुछ अनुभव

जीवन में संयम और नियम दो महत्वपूर्ण गुण हैं ; जो साधना से मिलते हैं। निरंतर कष्ट और यातना से ही इनको साधा जा सकता है। यूं तो वैराग्य से यह दोनों सरलता से व्यक्ति का आचरण बन सकते हैं मगर लोगों के समीप,,रिश्तों के मध्य इन को साधना अत्यंत दुष्कर है। ...

Arshiya Anjum
1m read870
Life Lessons

शीर्षक : अंतर्मन - कुछ अनुभव

हर व्यक्ति अपने विचार को अभिव्यक करने और उसको शब्दों में ढाल लेने का हुनर जानता है यानी हर व्यक्ति में एक लेखक और कवि अंश विद्यमान रहता है मगर परवान नहीं चढ़ पाता । ऐसा न हो पाने का कोई बड़ा कारण नहीं है। गहन अवलोकन किया जाए तो इसमें केवल व्यक्ति ...

Arshiya Anjum
1m read921