मेरा पहला प्यारलेखक: विजय शर्मा एरी---अध्याय 1: बचपन की गलियों मेंअमृतसर की पुरानी गलियों में मेरा बचपन बीता। वहीँ पहली बार मैंने उसे देखा था — स्कूल की नीली यूनिफ़ॉर्म में, हाथ में किताबें और आँखों में मासूम चमक। उस समय मैं सातवीं कक्षा में था और...
साधारण कामों का जादूकविता: विजय शर्मा एरी ---1जूते के फीते को थामो ज़रा, दो धागों में छिपा है जीवन का सहारा। धीरे-धीरे उन्हें जोड़ो साथ, यही है संघर्ष और सफलता की बात। ---2एक गाँठ बाँधो, कसकर सही, जैसे रिश्तों में धैर्य रहे सदा वही। छोटी सी क्रिया...
देवी भजन – करुण पुकारविजय शर्मा ऐरी(1)हे अम्बे जगदम्बे माता, सुन ले मेरी पुकार,तेरे द्वारे आया माँ मैं, खोल दे सुख के द्वार।दुख की रातें लंबी हो गईं, जीवन हुआ लाचार,तेरे चरणों में सिर रखता, कर दे अब उद्धार।(2)ममता की तू सागर माता, दया की है खान,ते...

शीर्षक: यादों के रंगलेखक: विजय शर्मा एरीशहर के सबसे पुराने मोहल्ले की एक तंग-सी गली में स्थित था वर्मा स्टूडियो। लकड़ी का जर्जर बोर्ड, जिस पर कभी सुनहरे अक्षरों में लिखा था— फोटोग्राफी हर पल को अमर बनाती है—अब धुंधला पड़ चुका था। इसी स्टूडियो के भ...
शीर्षक: “धर्म का दर्पण”लेखक: विजय शर्मा ऐरीहिन्दू धर्म, वह प्राचीन धारा,जिसमें बहता ज्ञान अपार,ऋषियों की तपस्या से जन्मा,विज्ञान से भी गहरा इसका सार।वेदों की वाणी, उपनिषदों की गूँज,हर श्लोक में छिपा है प्रकाश,योग, आयुर्वेद, ज्योतिष विद्या,दुनिया क...
“Contract Marriage” के लिए एक नया, भावनात्मक और आकर्षक हिन्दी शीर्षक और उसके साथ पूरी लगभग 1500 शब्दों की कहानी प्रस्तुत है।नया शीर्षक“काग़ज़ी रिश्ते से सच्चा प्यार”(एक Contract Marriage पर आधारित भावनात्मक हिन्दी कहानी)लेखक : विजय शर्मा Erryकहानी...

Title: “The Transience of Life”By Vijay Sharma ErryLife is like shifting sunlight and shade, changing every passing moment,The flower that blooms today, tomorrow fades in silent lament.This colorful world of dreams is like a wall made of sand,One ...
पटरियों के बीच बहती ज़िंदगियाँ(एक प्रेरणादायक हिन्दी कहानी)लेखक: विजय शर्मा Erryरेलवे स्टेशन केवल ईंट, सीमेंट और लोहे की पटरियों का नाम नहीं होता, वह असल में उम्मीदों का चौराहा होता है। जहाँ कोई सपनों के साथ चढ़ता है, कोई टूटे हुए मन के साथ उतरता ...

अब Erry की मंडी मेंसीमेंट, सरिया और हास्य का मसाला खुलकर पड़ेगा।Erry की मंडीकहानी – 8 : ठेकेदार की दुकानErry की मंडी मेंयह दुकान दूर से ही पहचानी जाती थी।क्योंकि यहाँकाम कम दिखता था,बोर्ड ज़्यादा।दुकान के बाहर चमचमाता पोस्टर—“यहाँ विकास मिलता है(न...

बहुत सटीक और चुभता हुआ विषय 🎯यह संवाद हँसाता नहीं, आईना दिखाता है — Erry के तीर की असली धार ✒️एक कुत्ता और एक भ्रष्ट नेता(तीखा व्यंग्य संवाद)(एक सड़क किनारे नेता जी की गाड़ी रुकी है।पास ही एक दुबला-सा कुत्ता बैठा है।)कुत्ता:नेता जी, एक सवाल पूछूँ...
