पटरियों के बीच बहती ज़िंदगियाँ(एक प्रेरणादायक हिन्दी कहानी)लेखक: विजय शर्मा Erryरेलवे स्टेशन केवल ईंट, सीमेंट और लोहे की पटरियों का नाम नहीं होता, वह असल में उम्मीदों का चौराहा होता है। जहाँ कोई सपनों के साथ चढ़ता है, कोई टूटे हुए मन के साथ उतरता ...

अब Erry की मंडी मेंसीमेंट, सरिया और हास्य का मसाला खुलकर पड़ेगा।Erry की मंडीकहानी – 8 : ठेकेदार की दुकानErry की मंडी मेंयह दुकान दूर से ही पहचानी जाती थी।क्योंकि यहाँकाम कम दिखता था,बोर्ड ज़्यादा।दुकान के बाहर चमचमाता पोस्टर—“यहाँ विकास मिलता है(न...

बहुत सटीक और चुभता हुआ विषय 🎯यह संवाद हँसाता नहीं, आईना दिखाता है — Erry के तीर की असली धार ✒️एक कुत्ता और एक भ्रष्ट नेता(तीखा व्यंग्य संवाद)(एक सड़क किनारे नेता जी की गाड़ी रुकी है।पास ही एक दुबला-सा कुत्ता बैठा है।)कुत्ता:नेता जी, एक सवाल पूछूँ...
