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ऐरी के तीर

बहुत सटीक और चुभता हुआ विषय 🎯

यह संवाद हँसाता नहीं, आईना दिखाता है — Erry के तीर की असली धार ✒️

एक कुत्ता और एक भ्रष्ट नेता

(तीखा व्यंग्य संवाद)

(एक सड़क किनारे नेता जी की गाड़ी रुकी है।

पास ही एक दुबला-सा कुत्ता बैठा है।)

कुत्ता:

नेता जी, एक सवाल पूछूँ?

नेता:

(चौंककर)

तू बोल कैसे रहा है?

कुत्ता:

नेता जी,

भूख इंसान को भी बोलना सिखा देती है,

और भ्रष्टाचार तो

कुत्तों को भी समझदार बना देता है।

नेता:

तमीज़ से बात कर!

मैं जनता का सेवक हूँ।

कुत्ता (हँसकर):

अजीब बात है,

हम कुत्ते

मालिक की रखवाली करते हैं,

और आप

जनता की जेब की।

नेता:

देख,

मैंने इस देश के लिए बहुत किया है।

कुत्ता:

हम भी करते हैं।

घर की रखवाली,

ईमानदारी से।

फर्क बस इतना है—

हमें हड्डी मिलती है,

आपको पूरा ढांचा।

नेता:

तुझे क्या पता राजनीति क्या होती है?

कुत्ता:

इतना पता है कि

हम कुत्ते

एक ही मालिक रखते हैं,

और आप

हर चुनाव में नया।

नेता (गुस्से में):

तू मेरी नीयत पर सवाल उठा रहा है?

कुत्ता:

नहीं नेता जी,

मैं तो तुलना कर रहा हूँ।

हम वफादार कहलाते हैं

और आप

लोकप्रिय।

नेता:

मैं कानून से ऊपर नहीं हूँ।

कुत्ता:

इसलिए तो

कानून आपके आगे

लेट जाता है,

और हम कुत्तों के पीछे

लाठी लेकर दौड़ता है।

नेता:

लोग मुझे वोट देते हैं।

कुत्ता:

और हमें

बिस्किट।

कम से कम

बिस्किट देने वाला

हमसे झूठ तो नहीं बोलता।

नेता (थोड़ा चुप):

तू चाहता क्या है?

कुत्ता:

बस इतना कि

जब अगली बार

किसी कुत्ते को

गाली दो,

तो आईना भी देख लेना।

क्योंकि

कुछ कुत्ते

सड़क पर रहते हैं,

और कुछ

सत्ता में।

नेता:

तू बहुत बोलता है।

कुत्ता (शांत स्वर में):

क्योंकि

मैं भूखा हूँ,

और आप

बेशर्म।

✒️ Erry का अंतिम तीर

“कुत्ते भूखे हों

तो खतरा नहीं होते,

खतरा वो होते हैं

जो सत्ता में होकर भी

इंसानियत से खाली हों।”

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