अपनी कलम से , इश्क में हम ये क्या कर बैठे, ये हम कहां दिल लगा बैठे........इश्क में हम ये क्या कर बैठ...
अपनी कलम से, गैरों से क्या करें शिकवा, ...
अपनी कलम से, ज़िंदगी को प्यार भरी, तेर...

अपनी कलम से, तेरे बिना ये मेरी ज़िन्दगी, एक सज़ा सी...

अपनी कलम से, खोया जो झील सी आँखों में,  ...

अपनी कलम से, समय देता उत्तर ज़रूर, ख़ामोश इशारों से ही यारों.....
अपनी कलम से, प्यार निभाने का, ये सिलसिला कभी न छूटे..... कोशिश यही रहे, कोई दिल से कभी न रूठे, ...
अपनी कलम से, मेरी अधूरी ज़िंदगी वो, प्यार भरी जिंदगी बना बैठी......दो कदम व...