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मेरी अधूरी ज़िंदगी वो,                      प्यार भरी जिंदगी बना बैठी......

अपनी कलम से,

        मेरी अधूरी ज़िंदगी वो,

                     प्यार भरी जिंदगी बना बैठी......

दो कदम वो मेरे साथ,चलने की क्या जिद कर बैठी,

       ना हुई ख़बर मुझे, कब मुझे अपना दिल वो दे बैठी!

हम समझ न पाए,उसके झील सी आँखों की भाषा,

       अपनी खूबसूरत-मुस्कान से, बस अपना बना बैठी!

बस दो कदम वो मेरे साथ,चलने की ज़िद कर बैठी,

       अनजाने वो मेरे दिल में,अपनी दुनियां है बसा बैठी!

झील सी आँखों में उसकी, थी गहराई ही कुछ ऐसी,

       एक ही नज़र में,इस दिल को यूँ अपना समझ बैठी!

हौले-हौले और मीठी बातों से, वो पास मेरे आ बैठी,

       इशारों इशारों में ही,अपने दिल की बात बता बैठी!

उसकी हँसी की खुशबू से,था महक उठा हर लम्हा,

       मेरे सूने से जीवन में,न जानें रंग नित नए भर बैठी!

मैं जो खोया रहता,बस उसके प्यार भरे सवालों में,

       वो अपने एहसासों से,कब मुझे खुद से मिला बैठी!

रातों की तन्हाइयां भी,अब अच्छी लगने लगी मुझे,

       मेरी खामोशियों में भी, न जानें वो गीत लिख बैठी!

उसकी नर्म हथेलियों का,जब कभी एहसास मिला,

       मेरी हर थकान को, वो पल भर में यारों मिटा बैठी!

अब हर दुआ में मेरे,यारों नाम उसका ही है शामिल,

       न जानें मेरी रूह तक को,वो मोहब्बत सिखा बैठी!

मैनें कभी माँगा भी नहीं, यारों सब कुछ वो दे बैठी,

       मेरी अधूरी सी ज़िंदगी,प्यार भरी जिंदगी बना बैठी!

प्यार भरी जिंदगी बना बैठी.....

प्यार भरी जिंदगी बना बैठी.....

༺꧁🖋️ डॉ. सूर्य प्रताप राव रेपल्ली 🙏꧂༻

मौलिक व स्वरचित @ सर्वाधिकार सुरक्षित

#motivational quotes

#Author : Poet, Lyrics Writer & Story Writer

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