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Shubhangi Anand

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Personal Story

द मॉर्निंग इवोल्यूशन: शुभांगी आनंद

सुबह की पहली धूप जब बनारस के घाटों को छूती है, तो वो सिर्फ एक नए दिन की शुरुआत नहीं होती, बल्कि खुद को एक नए नजरिए से देखने का मौका होती है।​समय के साथ हम बदलते हैं, हमारे सपने बदलते हैं, और उनके साथ बदल जाती है हमारी सुबह। मैं मानती हूँ कि मेरा म...

Shubhangi Anand
3m read12541
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"ज़िंदगी का सबसे अनसुना हुनर"

​यूँ तो सीखे हैं हुनर कई इस ज़माने में,मगर एक हुनर ने मेरी दुनिया बदल दी।जहाँ हर कोई मसरूफ़ था अपनी सुनाने में,मैंने ठहरकर दूसरों को सुनने की आदत कर ली।​अंडररेटेड है बहुत, पर कमाल है यह,कि हर शोर के पीछे छिपी खामोशी पढ़ लेती हूँ।'शुभांगी' बनकर बिख...

Shubhangi Anand
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"ज़िंदगी का सबसे अनसुना हुनर"

यूँ तो सीखे हैं हुनर कई इस ज़माने में,मगर एक हुनर ने मेरी दुनिया बदल दी।जहाँ हर कोई मसरूफ़ था अपनी सुनाने में,मैंने ठहरकर दूसरों को सुनने की आदत कर ली।​अंडररेटेड है बहुत, पर कमाल है यह,कि हर शोर के पीछे छिपी खामोशी पढ़ लेती हूँ।'शुभांगी' बनकर बिखे...

Shubhangi Anand
1m read11871
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कवि के कदम: शुभांगी आनंद

कागज की कश्ती पर सवार होकर,जो जज्बातों के समंदर में उतर जाते हैं,वो आम नहीं होते शुभांगी,शब्दान्जली से दिलों को छू जाते हैं।​कलम जब उठती है समाज के सच पर,तो पत्रकार का वो निडर रूप लाती है,और जब बहती है इंसानी जज्बातों में,तो आनंद बिखेरती एक मुकम्म...

Shubhangi Anand
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थोड़ी सी धूप थोड़ा सा आसमान:Shubhangi Anand

कुछ बातें ऐसी होती हैं, जिन्हें कहने के लिए ज़ुबान की नहीं, सिर्फ एक खामोश निगाह की ज़रूरत होती है। हम अक्सर दुनिया की भीड़ में वो सब कह जाते हैं जो लोग सुनना चाहते हैं, लेकिन दिल की बात सिर्फ वही समझ पाता है जो हमारी खामोशी में छिपे दर्द और मुस्क...

Shubhangi Anand
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अनचाहा सफ़र

यह कहानी अभी लिखी जा रही है, और इसका हर नया दिन एक बेहतरीन चैप्टर है।बनारस की सुबह, हाथ में चाय का कुल्हड़ और आंखों में एक साथ कई ख्वाब—शायद यही कहानी की सबसे खूबसूरत शुरुआत है।​अमर उजाला की खबरों की दुनिया में कलम चलाने वाली शुभांगी जब शाम को घर ल...

Shubhangi Anand
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खुद से खुद का राबता : @ShubhangiAnand

खुद से खुद का राब्ता​"बचपन से सुना था कि आदतें इंसान की तकदीर बदल देती हैं, पर ये नहीं पता था कि एक छोटी सी आदत मेरी पूरी तस्वीर बदल देगी।​मैं भी हर रोज़ दुनिया की उम्मीदों पर खरा उतरने की दौड़ में भाग रही थी। दूसरों को खुश रखने की उस अधूरी जंग मे...

Shubhangi Anand
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Shubhangi Anand — Lekhak | Vyaktigat Vikas | Vyaktigat Vikas