Lekhak Feed
K

Kripa shukla

7 stories
23 followers
824 views
21 likes

आज भी तुम पहले सी हो

2:3739 views0 likes

"अति सदैव वर्जित "

3:1275 views1 likes
Personal Story

दृश्य टुंडला स्टेशन उत्तर प्रदेश

ट्रेन की सीटी गूंजीं जब,चिड़ियों की चहक दी सुनाई।मानो नई कहानी बुनता हो AI ।सबकी अपनी राह थी।घर अपने सब चल दिये थे।मन को मेरे कईं सवाल घेरें थे।हम तो जाते घर अपने, फिर पंक्षी यहां क्यूं बैठे थे ?   घर यही इनका था? या हमने कब्जा कर लिया था।विक...

Kripa shukla
1m read1623

बचपन और हम

2:34190 views6 likes
Personal Story

तो तुम में ही हैं राम

‎तो तुम में ही हैं राम, ‎अगर करो मर्यादा का पालन,‎करो नारित्व का सम्मान,‎ह दया, कृपालुता तुममें ,‎तो तुम में ही हैं राम।‎‎‎‎जीवन कठिन हो तुम्हारा भी,‎और निष्फल हो सभी प्रयास , ‎लेते हो प्रण तुम भी जीवन में ,‎सदृढ़ है तुममें वचन विराट,‎साथ ही हल्की...

Kripa shukla
1m read1244
Personal Story

bas lete ana koi kitab

तुम मत देना मुझे ,‎कोई चाकलेट ,‎कोई चुड़ी ,‎कोई हार,‎मत लाना पायल बिंदी श्रृंगार ,‎मिलने आओ जब तुम मुझसे ,‎लेते आना कोई किताब ।‎हो जिसमें हिंदी कविताएं ,‎हो जिसमें प्रेम कहानी ,‎या हो संघर्ष की बातें ,‎तुम मत लाना‌,‎कोई गुलाब,‎कोई गुलदस्ता ,‎कोई त...

Kripa shukla
1m read12243
Personal Story

जगाओं नहीं

यह कविता एक प्रेमिका का विचार है । जिसमें प्रेमी सो रहा है और प्रेमिका चाहती है कि वो और थोड़ी देर ऐसे ही सोतें रहे और वो उसे ऐसे ही निहारती रहे। यह कविता उस क्षण को केद करती है जिसमें सुकुन के पल है।✍️✍️कविता: @कृपाजगाओ नहीं, सोने दो,‎सोते हुए अच...

Kripa shukla
1m read1123