जहन से निकाल कर रख दिया ख़्याल उसका दिल से फिर भी नहीं जा रहा कमाल उसका वो दरवाजा बन गया था जहन का हमारे सारी रौनके-खुशियां गुजरती थी उसी से अब उसके बिना तो, जहन में कुछ नहीं जा रहा,कोशिशे अज्ञात हो रही है, समझ में कुछ नहीं आ रहा,ओस की तरह मस्तहाल...
ख्वाब देखने को नहीं पूरा करने को चाहिए ये इतनी खूबसूरत दुनिया देखने को चाहिए तुम चाहे तो नज़रिया हमारा रखलो हमको तुम्हारी आँखें चाहिए और खुश रहने को चाहिए तुम्हारी याद आने को चाहिए ये बातें तुम्हारी, गुनगुनाने को चाहिए तुम चाहे तो किसी को नहीं दो ...

मैंनें इस कविता से तारीफ करना और जीना सीखा और रोना भी ! खूबसूरती की व्याख्या को देती आकार हो तुमहमारी मुलाकातों से मिलकर बना गुलशन का हार हो तुम और क्या खास तुमको अर्पण करेतुमसे ही चल रही है हमारी दुनिया हमारी, हमारे जीवन का सरोकार हो तुम !
कोई अपना होता हैउसका एक सपना होता हैहम उसको, पूरा करना चाहते हैजो हमको संग- संग कर देता हैरात घनी अंधेरी होती हैऔर उसका इक, पर्दा होता हैफिर, कमी खुशबूदार हो जाती हैफिर सुबह-सवेरा होता हैहम, फिर दफ्तर जाते हैउन्हीं, सपनों में खो जाते हैफिर कोई लौट...
