Personal Story
अब मैं अपने लिए
थक चुकी हूँ मैं…दूसरों को खुश करते-करते,हर वक्त ये सोचते-सोचते कि“कहीं मैं गलत तो नहीं कर रही…?”कभी किसी की नाराज़गी का डर,कभी किसी के चेहरे पर देखी उदासी का बोझ,और मैं…हर बार खुद को ही बदलती रही—सिर्फ इसीलिए कि कोई मुझसे नाराज़ न हो जाए।पर जितना ब...
Neha goyal