“तुम मेरी चाहत…” 🌙कुछ लोग ज़िंदगी में ऐसे आते हैंजैसे बारिश से पहले चलने वाली ठंडी हवा…जो बिना छुए भीरूह तक महसूस हो जाती है।तुम भी कुछ वैसे ही थे।ना कोई शोर,ना कोई बड़ी शुरुआत…बस एक दिनमेरी खामोश दुनिया मेंतुम्हारी मुस्कुराहट ने दस्तक दी थी।और फ...

एक सपना…एक सपना था आँखों में कहीं,चुपके से पलता रातों में वहीं।ना शोर था उसका, ना कोई नाम,बस दिल को देता रहता पैगाम।कभी चाँद बनकर चमक उठता,कभी बारिश बनकर बरस पड़ता।कभी हौसलों की लौ बन जाता,कभी तन्हाई में साथ निभाता।लोग कहते रहे...“सपने अक्सर टूट ज...

एक सपना…एक सपना था आँखों में कहीं,चुपके से पलता रातों में वहीं।ना शोर था उसका, ना कोई नाम,बस दिल को देता रहता पैगाम।कभी चाँद बनकर चमक उठता,कभी बारिश बनकर बरस पड़ता। कभी हौसलों की लौ बन जाता,कभी तन्हाई में साथ निभाता। लोग कहते रहे —“सपने अक्सर टूट ...

थक चुकी हूँ मैं…दूसरों को खुश करते-करते,हर वक्त ये सोचते-सोचते कि“कहीं मैं गलत तो नहीं कर रही…?”कभी किसी की नाराज़गी का डर,कभी किसी के चेहरे पर देखी उदासी का बोझ,और मैं…हर बार खुद को ही बदलती रही—सिर्फ इसीलिए कि कोई मुझसे नाराज़ न हो जाए।पर जितना ब...
