मैं हार नहीं सकतीमैने देखी है हजारों अड़चने ,कभी सो गई मां भूखी ,कभी कुछ निवालो में शांत सी रही ।काट काट कर पेट,वो खर्चा सभालती रही ।धसती रही आत्मा पापा की ,हड़डिया भी चिपकती रही ।हाथ पैर सुखड़ कर सब एक हो गए ,छत घर की टपकती रही ।कर कुछ इनको दिखान...

कब तक याद करूं मैं तुझको ,यूं हर बार याद करू मैं तुझको।एक बार आकार हाल देख ,तमाशा मेरा यार देख ।ख्याल देख ,सवाल देख ,ठहरा हुआ शैवाल सा मैं ,घुट रहा हू ,गल रहा हू ,कब तक रहूं इस हाल में मैं,तू बनकर अब जवाब देख ।

वक्त के साए से जब भी निकलना चाहा ,उठना चाहा ,जिंदगी की दौड़ में ,बढ़ना चाहा ।कि मेहनत मसक्कर,खुद को बदलना चाहा ,कहानी को अपनी,खुद ही लिखना चाहा ।खुद का कागज ,खुद की कलम ,खुद की स्याही,मलाल न कुछ भी रखना चाहा ।पर हार गई मैं ,कुछ अपनो से,पेपर भी नील...
तारो की चाहत बनकर चांद आता है,आकाशगंगाओं में खिलखिलाता है ।खेतो में पड़े डेले से,सितारे मुस्कुरा पड़ते है ।रूह में जब प्रेम उतरता है ,रोम रोम रोमांचित हो उठता है ।जैसे नहीं पाल सकता कोई प्रेम,बिन चांदनी के ,वैसे ही मेरे होना तुम ।न पहले ,न बाद में...