शादी विवाह क्या है सिर्फ एक समझौतादो अंजान लोगों को जोड़ेये है ऐसा नातालोग शादी के बंधन में बंध तो जाते हैपर क्या इस बंधन का सही मतलब वो जानते हैशादी सिर्फ दो परिवारों का नहींदो आत्माओं का मिलन होती हैइसमें विश्वास का होना बहुत जरूरी होता हैक्योंक...

हम आम आदमी हैं साहिब,हमारी डायरी मेंना विदेश घूमने के सपने होते हैं,ना बड़ी-बड़ी गाड़ियों की ख्वाहिश।हमारी डायरी में लिखा होता है —माँ की दवाई,बच्चों की फीस,बहन की शादी,और महीने के आखिर तकघर चलाने की चिंता।हम उम्र भरकर्ज़ ही उतारते रह जाते हैं —कभ...

कहां से लाऊं वो सुकून भरी नींदजो माँ के घर आती थी,माँ के आँचल मेंसारी दुनिया समाती थी।उनकी एक मुस्कान देखमैं अपनी हर तकलीफ़ भूल जाती थी,माँ ही तो मुझे जीने कासही ढंग सिखलाती थी।जब भी ज़िंदगी थका देती है,याद माँ की ही आती है,उनकी वो मीठी बातेंआज भी...

ये घर, है कैसा घर?जो बन तो गया, पर बसा नहीं,दीवारें खड़ी हैं चारों ओर,पर इनमें कोई हँसा नहीं।कमरे तो सज गए सब यहाँ,पर सुकून कहीं भी ठहरा नहीं।ईंट-पत्थरों से बना ये घर,जहाँ रिश्तों का कोई पहरा नहीं।खिड़कियाँ खुली हैं रोशनी को,पर दिलों में उजाला आया...
