
कहां से लाऊं वो सुकून भरी नींद
जो माँ के घर आती थी,
माँ के आँचल में
सारी दुनिया समाती थी।
उनकी एक मुस्कान देख
मैं अपनी हर तकलीफ़ भूल जाती थी,
माँ ही तो मुझे जीने का
सही ढंग सिखलाती थी।
जब भी ज़िंदगी थका देती है,
याद माँ की ही आती है,
उनकी वो मीठी बातें
आज भी हिम्मत दे जाती हैं।
दुनिया चाहे कितनी भी बदल जाए,
माँ का प्यार नहीं बदलता,
जिस घर में माँ होती है,
वो घर कभी खाली नहीं लगता।