मुंबई आने के बाद हम एक रिसॉर्ट में दाखील हुये. यहा सेक्युरिटी गार्ड का काम था. हम इस तरहा से ड्युटी कर रहे थे मानो बॉर्डर पे तैनात हो. किसी की मजल थी हमारे सामने कोई चिकू को छू सके... वह चिकू की बाग थी. वहा ढेर सारे चिकू थे. सुंदर सा वातावरण था. म...

भटके हुये इन्सान को रास्ता जल्दी नही मिलता, या मैं कहता हूं कभी नही मिलता. यह मेरी खुद अपनी कहानी है. दिन वह थे जब मैं बरवी क्लास मे फैल हो गया था. बरवी मे सायंस लिया था. जिसकी भाषा इंग्लिश थी. और मैं मराठी मडीयम मे दसवी फर्स्ट क्लास था. अब आप समझ...
