खूबसूरत शाम नाराज़गी की भी कोई ख़ूबसूरत शाम होने दो,उल्फ़त को मोहब्बत का मुकम्मल अंजाम होने दो।इससे–उससे, जाने किस–किस से मिले हैं रास्ते,हर किसी से मुहब्बत का कोई नाम होने दो।जो मिला है दर्द, उसे भी कोई पैग़ाम समझो,हर एक ज़ख़्म को आज दिल का पैग़ा...

प्राकृतिक सन्देश दीपक की लौ में भी संघर्ष लिखे जाते हैं,रात की ख़ामोशी में उत्कर्ष लिखे जाते हैं,जो सीख ले मुश्किलों से निकलकर चलना,उनके जीवन-पृष्ठों पर सुख–हर्ष लिखे जाते हैं।हवाओं की सरसराहट में भी संवाद होते हैं,पेड़-पौधों के भी आपस में वाद होत...

ग़ज़ल पुराने ग़म को दिल से आज उतारो यारो,नया सवेरा है, ख़ुद को सँवारो यारो।जो बीत गया, उसे सब्र का नाम दे दो,नव वर्ष आया है, दीप जला दो यारो।थकी हुई साँसों को थोड़ा सा विश्वास दो,टूटे ख़्वाबों में फिर रंग निखारो यारो।नफ़रतों की ये दीवार अब गिरनी च...