रात के ठीक ग्यारह बजे का समय था.कमरे में घना अंधेरा फैला हुआ था. केवल लैपटॉप की स्क्रीन से निकलती नीली रोशनी Dhara के चेहरे पर पड रही थी, जिससे उसका ध्यान और भी ज्यादा केंद्रित दिख रहा था.Dhara अपने हेडफोन लगाए पूरी तरह गेम में डूबी हुई थी. उसकी उ...

सुबह का समय था.Collage का विशाल परिसर धीरे- धीरे छात्रों से भर रहा था. कहीं हँसी की आवाजें थीं, कहीं दोस्त आपस में बात कर रहे थे, तो कहीं कोई दौडकर क्लास की तरफ जा रहा था.लेकिन Dhara का मन आज शांत नहीं था.रात को हुए उस गेमिंग अनुभव के बाद से वह बा...
