Personal Story
“मैं और मेरे अधूरे सपने”
जब भी जीवन में झाँकती हूँ,हर बार स्वयं कोबेबस और लाचार ही पाती हूँ।लोगों ने कहा —“गलती तुम्हारी ही होगी”,और मैं हर बारअपने ही अस्तित्व पर प्रश्न उठाती रही।सपने तो बहुत बड़े देखे थे मैंने,पर सही समय परसमझाने वाला कोई नहीं मिला।बस एक चाह थी —कोई ऐसा...
Aarti-Kumari