ENGLISH OUT LOUD
100 साँचे — भाग 1: शुरू करना और माँगना
- 1
I was thinking of starting today.
- 2
I was thinking of asking him first.
- 3
The thing is, we are already late.
- 4
The thing is, nobody told me.
- 5
Maybe there is an easier way to do it.
- 6
Actually, that is not the problem.
- 7
To be honest, I am not ready.
- 8
To be honest, it went quite well.
इस अध्याय के दिन
रोज़ का एक ही नियम है: कुछ सुनिए, कुछ बोलिए. दोनों में से एक भी छूटा तो दिन अधूरा है.
दिन 29
वाक्य 1 से 8
☐अकेले, ज़ोर से, आठों दो बार
यह टिक आपके लिए है — हम देख नहीं सकते कि आपने बोला या नहीं. सच्चाई से लगाइए.
दिन 30
वाक्य 9 से 18
☐अपना पहला चुना हुआ साँचा, किसी असली इंसान से. आगे हिंदी चलेगी.
यह टिक आपके लिए है — हम देख नहीं सकते कि आपने बोला या नहीं. सच्चाई से लगाइए.
दिन 31
वाक्य 19 से 28
☐वही पहला साँचा, दो अलग लोगों से
यह टिक आपके लिए है — हम देख नहीं सकते कि आपने बोला या नहीं. सच्चाई से लगाइए.
दिन 32
वाक्य 1 से 28
☐आज दूसरा साँचा शुरू कीजिए, एक बार
यह टिक आपके लिए है — हम देख नहीं सकते कि आपने बोला या नहीं. सच्चाई से लगाइए.