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अधीर

क्यों हुए हो अधीर इतने,

संजो लो टूटते सपने!

कदम जो बढ़ चले आगे,

तो फिर मंजिल है पास अपने।

तसल्ली रख, हौसला मत हार,

अभी बाकी है जीत की पुकार।

लिख अपनी नई कहानी,

बदल दे खुद अपनी जिंदगानी!

तड़प दिल की समझ ले तू,

धड़कनों को थाम ले तू।

उदासी छोड़ दे अपनी,

खुशी का दामन थाम ले तू!

✍️ इंजीनियर राजन सोनी

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