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चुना हुआ व्यक्ति एपि 10

फिर sir ने अपने सर्विस सेंटर के बारे में मुझसे पूछा कि सर्विस सेंटर के बारे में कुछ जानते हो. तो मेने मोबाइल रिपेयरिंग के बारे में बताया. तो sir ने कहा कि हां वह भी सही है. लेकिन हमारे यहां फोटो कापी मशीन की फ्रेंचाइजी और सर्विस सेंटर है. हम तुम्हें सिखाएंगे तुम यह बताओं की तुम कब से काम शुरू कर दोगे. तो मेने कहा कि मैं आज से ही शुरू कर देता हूं. तो sir ने कहा कि तुम्हारे पास बाइक है. तो मेने कहा कि नहीं है. तो फिर sir ने कहा कि बीना बाइक के कैसे करोगे काम. फिर sir ने कहा कि ठीक है तुम अभी घर चले जाओ कल सुबह आठ बजे office आ जाना कल देखते हैं. फिर में वापस रुम पर आ गया. फिर सुबह से office पहुंच गया. तो sir मुझे अपने साथ एक फोटो कापी मशीन इंस्टाल करने के लिए ले गये. जिस office मे मशीन इंस्टाल करना था. उस जगह sir मशीन भी इंस्टाल भी कर रहे थे. और डेमों भी दें रहें थे. और मुझे भी समझने के लिए बोल रहे थे. फिर sir और मैं वापस office में आ गए. फिर मुझे office का छोटा मोटा काम करने के लिए बोल दिया तो मैं वह काम करता रहा. इसी office में दो और लोग भी काम कर रहे थे. और दोनों ही काम में बैइमानी और मक्कारी करते थे. और अब भगवान ने मुझे इन दोनों लोगों के बीच में भेजा था. यह देखने के लिए कि क्या मैं भी इन दोनों लोगों की तरह. बैइमानी मक्कारी करता हूं. या फिर काम में ईमानदारी दिखाता हूं. अब चूंकि मुझे तो ईश्वर ने चुना है. सत्य के मार्ग पर चलकर धर्म की रक्षा करने के लिए तो फिर मैं बैइमानी और मक्कारी कर भी नहीं सकता हूं. और अगर बेईमानी और मक्कारी कि तों फिर पकडा भी जाऊंगा. खैर मैं अभी इन दोनों लोगों से मिला नहीं था. क्योंकि यह दोनों लोग कस्टमर कंम्पलेन देखने के लिए बाहर गये हुए थे. में office में ही office का छोटा मोटा काम कर रहा था. फिर यह दोनों बाहर से वापस office में आ पहुंचे. फिर हम तीनों कि मुलाकात हुई, एक- दूसरे का परिचय दिया. मेडम ने मेरे बारे में दोनों को बताया कि नया लडका आया है. आप दोनों को इसे काम सिखाना है. जहां भी जाओ इसे साथ लेकर जाना और काम सीखाना है. दोनों ने कहा कि ठीक है. एक एजेड था. और दुसरा मेरी हम उम्र का था. अब जो मेरी हम उम्र का था उसके साथ मुझे भेजा गया. में उसके साथ गया तो रास्ते में उसने मेरा नाम गांव का नाम जिले का नाम कितनी पढाई कि हे. इससे पहले कोई काम किया है या नहीं और अगर किया है तो वहां कितनी तनख्वाह मिलती थी. और यहां कितनी तनख्वाह पर रखा है. सारी जानकारी लेने के बाद मुझसे कहता है कि यहां तुम्हें क्या सीखने को मिलेगा तुम्हें तो इलेक्ट्रिकल फिल्ड में ही काम देखना चाहिए था. मेने कहा कि मैं उस फिल्ड में काम ढुंढा था. पर मुझे मिला नहीं. फिर ढुंढते- ढुंढते यहां आ गया. तो उसने कहा कि तुझे अपने फिल्ड में जाना है तो मैं तुझे लगवा देता हूं. तो मैंने कहा कि अब नहीं जाना है. अभी में कुछ दिनों तक यही करना चाहता हूं. फिर बाद में देखुगां. तो उसने कहा कि ठीक है तेरी मर्जी फिर मैं उसके साथ उसका काम देखता रहा और सिखता रहा. अब जो मेने उसे बातें बताई थी. वह बातें उसने दुसरे आदमी को जो एजेड था. उसको बता दिया. कि नये लडके कि सोच यह है. sir ने कुछ दिन तक मुझे उस लडके के साथ भेजा. फिर उसके बाद मुझे office में छोटा- मोटा काम करने के लिए बोल देते. या फिर अपने साथ ले जाते मदद के लिए. फिर वापस आकर office में कोई ना कोई काम सिखता रहता था. फिर एक दिन office में एक कस्टमर एक कार्ड लेस फोन लेकर आया. रिपेयर करवाने के लिए. तो मेडम ने मना कर दिया कि हम कार्ड लेस फोन रिपेयर नहीं करते है. तो कस्टमर ने कहा कि हम तो सर्विस सेंटर देखकर आ गए हैं. अब आप बताइए कि हम क्या करें. आप लोग देख लिजिए अगर ठिक हो जाता है तो कर दिजिए. तो मेडम ने उस फोन को रख लिया. फिर थोडी देर बाद मैं और sir बाहर से वापस office में आएं. तो मैं बेठकर मशीनों को देख रहा था और काम भी सीख रहा था. और वही टेबल पर वह कार्ड लेस फोन रखा था. तो मैंने मेडम से पुछा कि मेडम यह क्या है. तो मेडम ने मुझे और sir को फोन के बारे में बताया. तो sir ने कहा कि उसे रहने दो हम उस फोन को मार्केट से रिपेयर करवा लाएंगे. तो मैंने मेडम से और sir से कहा कि sir में इसे खोलकर देखुं तो sir ने कहा कि देख लो. पर खोलते समय ध्यान भी रखना कि कैसे खोला था. क्योंकि अगर ठीक नहीं हुआ तो वापस भी फिट करना पडेगा. मेने कहा कि ठीक है सर, फिर मैंने उस फोन को ओपन किया. तो उस फोन का स्पीकर खराब हो गया था. और उसका किपैड काम नहीं कर रहा था. तो मेने उसके स्पीकर को छोटे ब्रश से डस्ट साफ कर दिया. और सोल्डरिंग से एक पिन जोड दिया. और किपैड को अल्कोहल से साफ कर दिया. किपैड पर कार्बन जम गई थी. सारा सबकुछ करने के बाद फोन को वापस फिट करने के बाद उसी फोन से office के नंबर पर फोन लगाया. तो मेडम ने फोन उठाया. तो मेने हलो कहा तो मेडम ने भी हलो बोला फिर मेने कहा कि मेडम आवाज आ रही है. तो मेडम ने कहा कि आप कोन बोल रहे हो. तो मेने कहा मेडम में दीपक बोल रहा हूं. तो मेडम ने पिछे पलट कर देखा. तो मेडम और sir दोनों शाॅक्ड हो गए. क्योंकि वह फोन ठिक हो गया था. तो मेडम और sir ने कहा कि भई यह तो कमाल हो गया. पुरे सर्विस सेंटर में यह काम किसी से नहीं हुआ और यह काम तुमने कर दिखाया सुपब दीपक फिर कस्टमर को उसी के फोन से फोन किया और उसे अपना फोन ले जाने के लिए बोला गया. उसका बिल बनाया था. सात सो का फिर उस फोन के बाद एक और फोन आया तो मेडम ने बीना sir से पुछे फोन रख लिया. जब मैं बाहर से office आया तो मेडम ने कहा कि दीपक एक और फोन आया है. उसे देखकर बताओं की उसमें क्या प्रोब्लम है. फिर मैंने उस फोन को चैक किया तो उस फोन कि डिस्प्ले, स्पीकर, माइक चार्जिंग पाइंट खराब थें. तो मेने चैक करके मेडम को बता दिया. फिर मेडम ने sir को प्रोब्लम बताई, फिर sir ने मार्केट में इक्युपमेंट और किमत पता करके मेडम को बता दिया. फिर मेडम ने कस्टमर को फोन में प्रोब्लम बता दिया. और मुझे भी बता दिया कि तुम रिपेयर करना शुरू कर दो. जब मैं फोन रिपेयर कर रहा था तो उस समय एक लडका चार फोन लेकर आया. तो मेडम ने उन्हें रखकर लडके को रिसिप्ट दे दी. अब चूंकि मेरे पास बाइक नहीं थी. तो मेरे पास office में ही काम आने लगा था. और sir के पिताजी ने भी मेरा काम देखकर कार्ड लेस फोन रिपेयरिंग कि फ्रेंचाइजी खरीद लीं. और अपने लडके से कहा कि दीपक के पास बाइक नहीं है तो अब दीपक को office में ही रहकर काम करने दो. और बाहर कि कस्टमर कंम्पलेन वै दोनों देख रहे हैं तो उन्हें ही देखने दो अब मैं बहुत खुश था कि मुझे office के office में ही काम मिल रहा था. रोज घर से आता दिनभर office में sir के सामने काम करता था तो sir कि नजर में अच्छी इमेज भी बन गई थी. मेहनत कि भी और ईमानदारी की भी इससे में भी बहुत खुश था. लेकिन मेरी यह खुशी ज्यादा दिन तक नहीं रही. क्योंकि जो दो लोग दुसरे थे उन्हें मेरा office में बेठना अच्छा नहीं लग रहा था. वै दोनों सोच रहे थे कि यह अगर office में रहेगा तो sir कि नजर में अच्छी खासी इमेज बना लेगा. और sir इसी कि तनख्वाह भी बढाएंगे और हम बाहर कस्टमर कंम्पलेन ही देखते रह जाएंगे. और तो और यह कल का आया हुआ office में आराम करें और हम बाहर धुप में भटकते रहे. ऐसा हम होने नहीं देंगे. फिर दोनों ने मिलकर प्लान बनाया कि मुझे office से बाहर निकालना है. उसके लिए जो एजेड था उसने sir के सामने ब्लड प्रेशर लाॅ का बहाना बनाते हुए कहा कि अब धुप में ज्यादा बाहर रहने से मेरा बीपी लाॅ हो जाता है. कल मैं डाक्टर के पास गया था तो डॉक्टर ने कहा कि ज्यादा समय तक धुप में मत रहा करों. तो मेने डाक्टर को कहा कि धुप में नहीं रहुगां तो office के बहुत से काम छुट जायेंगे. कंम्पलेन्स कोन देखेगा. तो डाक्टर ने कहा कि यह आपकी समस्या है. आप देखो. कि आपको कैसे काम करना है. नहीं तो अपने अधिकारी से कहो कि आपसे office office का ही काम करवा लें. तो मेने डाक्टर को हंसकर कहा कि अगर मैं office में बेठकर काम करने लगा तो बाहर की कस्टमर कंम्पलेन को कोन देखेगा. दुसरे लडके को इशारा करते हुए कहा कि मैं सही बोल रहा हूं ना तो दुसरे लडके ने कहा कि अगर आपको बीपी लाॅ कि शिकायत है तो आप office में रहा करों बाहर कि कंम्पलेन दीपक देख लिया करेगा. अब तो दीपक भी सभी काम सीख गया है. मेरी और इशारा करते हुए कहा क्युं दीपक अब तो सब काम सीख गये होना. तो मेने कहा कि हां सीख गया हुं. तो बस अब से बाहर कि कंम्पलेन दीपक देख लिया करेगा. आप तो आराम करों. फिर sir और मैडम ने कहा कि दीपक बाहर कस्टमर कंम्पलेन देखने कैसे जायेगा उसके पास बाइक तो है नहीं कस्टमर कंम्पलेन देखने क्या उडकर जायेगा. और ना ही उसको बाइक चलाना आती है. तो दोनों ने फट से जवाब दिया साइकिल चलाना तो आती होगी. तो मेडम और sir ने कहा कि साइकिल भी तो होनी चाहिए. तो दोनों ने फट से कहा कि आपकी पुरानी साइकिल हेना वह दीपक को दें दो. साइकिल से कस्टमर कंम्पलेन देखने जायेगा. sir ने कहा कि ठीक है शाम को दीपक को घर ले जाऊंगा और उसे दिलवा दुंगा. साइकिल फिर दिनभर office में काम करने के बाद sir मुझे अपने साथ अपने घर लेकर गए और अपनी पुरानी साइकल मुझे दे दी. उस साइकिल को लेकर में कमरे पर आ गया. फिर खाना खाकर सो गया. फिर अगले दिन साइकिल से office पहुंचा. Office थर्ड फ्लोर पर था. तो नीचे साइकिल लगाकर लिफ्ट से ऊपर चला गया. फिर office में जाने के बाद चाय पीने के बाद मेडम ने मुझे एक एड्रेस बताया और कहा कि इस एड्रेस पर जाना और यह टोनर फोटो कापी मशीन में डालकर आ जाना. तुम्हें अभी sir बताएंगे कि टोनर फिल कैसे करते हैं. फिर sir ने टोनर फिल करना बताया. फिर मैंने समझ लिया और मेडम ने उस एड्रेस पर फोन कर दिया कि नया लडका है. थोडा कोपरेट करना. फिर मैं अपनी साइकिल से मेडम के बताएं हुए एड्रेस के लिए निकला दस पंद्रह साल पहले साइकिल चलाईं थी. और अब चला रहा था. तो मुझसे तो साइकिल चले ही नहीं लेकिन अब कर क्या सकता था. चलाना तो पडेगा ही. फिर जैसे तैसे मेडम के बताएं हुए एड्रेस पर पहुंच गया. रिसेप्शन पर रिसिप्ट दी. फिर रिसेप्शनिस्ट मुझे फोटो कापी मशीन के पास लेकर गया. फिर मैंने मशीन को ओपन किया और उसमें टोनर को फिल किया. फिर रिसेप्शनिस्ट ने मशीन चलाकर देखीं. मुझे Ok कहा. और मैं वहां से वापस office में आ गया. फिर एक और एड्रेस मेडम ने दिया. और फिर उस एड्रेस पर साइकिल से निकल पडा. लेकिन पैसे बहुत दर्द कर रहें थे. क्योंकि काफी समय बाद साइकिल चला रहा था तो पैर बहुत दर्द कर रहें थे. लेकिन थोडी दूर साइकिल चलाकर तो थोडी दूर पैदल चलकर मेडम के बताएं हुए एड्रेस पर पहुंच गया और फिर से फोटो कापी मशीन खोलकर टोनर फिल करके वापस office में आ गया. फिर खाना खाने का समय हो गया था तो मैं कैंटिन में खाना खाने चला गया. उस दिन मेंने सिर्फ बाहर कि कस्टमर कंम्पलेन ही देखी. और एजेड व्यक्ति ने office कि कंम्पलेन देखीं. Office में कार्डलेस फोन के अलावा फेक्स मशीन छोटे- छोटे प्रिंटर मशीन भी रिपेयरिंग के लिए भी आती थी. तो अब जब मुझे तो सिर्फ बाहर कि ही कस्टमर कंम्पलेन देखना था. तो मैं तो खाना खाने कैंटिन चला गया. और office में रिपेयर करने वाली मशीनों का ढेर लग गया था. साथ ही कार्डलेस फोन भी ढेर होते जा रहे थे. जो व्यक्ति बीपी लाॅ का बहाना बनाकर office में था उससे मशीनें रिपेयर हो नहीं रहीं थीं. और कस्टमर्स का मेडम के पास बार बार फोन आये. sir के पास भी कस्टमर्स का फोन आये. फोन क्या आये कोई कोई तो sir और मैडम को भला- बुरा भी सुना देते थे. कि अगर आप से काम नहीं हो पा रहा है तो हमें मना कर देते हम कहीं और से रिपेयरिंग करवा लेते. कस्टमर्स कि बातें सुनकर एजेड व्यक्ति को sir भी डांट फटकार लगाते और मेडम भी डांट फटकार लगाते. कि मशीनें जल्दी रिपेयर करके दो. वरना तुम्हारी वजह से सर्विस सेंटर बंद हो जाएगा. और सबसे ज्यादा कार्डलेस फोन रिपेयर होने आतें थे. और उसी के कस्टमर ज्यादा डांट फटकार लगाते थे. फिर मैं जब कैंटिन से खाना खाकर वापस आया तो एजेड व्यक्ति ने मुझसे कहा कि दीपक यह फोन बहुत सारे आ गए हैं तो इन्हें रिपेयर करों. तो मेने मेडम से पुछा कि मेडम मेरे लिए कोई बाहर कि कंम्पलेन है. क्या तों मेडम ने मुस्कुराते हुए कहा कि नहीं है. तो फिर मैं एजेड व्यक्ति के साथ बेठकर फोन देखने लग गया. लेकिन फिर थोडी देर बाद मेडम ने कहा कि दीपक इनको छोड दो और बेंक चले जाओ चैक जमा कर आओ. तो मेने भी मन ही मन कहा कि चलो बढिया है. Office में रहने का बहुत शौक हेना रहो office में और करों काम मुझसे राजनीति करने चले थे. फिर मेने मेडम से चैक लिए और बेंक चला गया. फिर बेंक में चैक जमा कर दिए और मेडम को फोन कर दिया. तो मेडम ने कहा कि थोडी देर वहीं बेठो में फिर तुम्हें फोन करके बतातीं हुं कि अब तुम्हें कहा जाना है. शायद मेडम भी इन दोनों की राजनीति को समझ गई थी. कि दोनों मेरे साथ राजनीति खेल रहे हैं. तो मेडम मुझे बाहर कहीं भेजते थे तो मुझे थोडी देर आराम करने के लिए बोल दिया करतीं थीं. क्योंकि उन्हें भी पता था कि साइकिल चलाने में दीपक के पैर भी दर्द करते होंगे और कमर भी दर्द करतीं होगी. फिर थोडी देर बाद मेडम ने मुझे फोन करके office में बुलाया. और एक रिसिप्ट बनाकर कहा कि दीपक इस एड्रेस पर चले जाओ देख कर आओ कि कस्टमर कि क्या कंम्पलेन है. एजेड व्यक्ति ने कहा कि मेडम फोन बहुत सारे हो गए हैं. तो दीपक को अभी office में ही रहने दो. कंम्पलेन के लिए राकेश को बोल दिजिए. तो मेडम ने कहा कि राकेश sir अभी देवास में है. और यह कस्टमर कल से फोन लगा रहे हैं. कि उनकी मशीन बंद हो गई है. तो उन्हें में क्या जवाब दूं. कल से लगाकर आज तक उन्होंने बीस बार मुझे फोन लगाकर बोल दिया है. फोन बाद में भी रिपेयर हो सकतें हैं. लेकिन अगर इस कस्टमर कि मशीन आज ठीक नहीं हुई तो इनके घर office साॅप को मिलाकर हमारी पांच मशीने इनके घर में लगी है. अभी कस्टमर ने धमकी दी है कि अगर आज मशीन ठिक नहीं हुई तो तुम्हारी सारी मशीनें उठाकर ले जाओ. तो sir ने मुझसे कहा कि दीपक तुम तुरंत जाओ. Office में अंकल देख लेंगे. तुम इस कस्टमर के office में जाओ sir और मैडम मुझे भी office में रुकने ही नहीं दे. और बाहर रवाना कर दिया करें. अब तो एजेड व्यक्ति के सामने कार्डलेस फोन बहुत सारे हों गए थे. और उनसे एक भी फोन रिपेयर नहीं हो पा रहे थे. फिर मेडम और sir ने एजेड व्यक्ति से पुछा कि आप फोन कब रिपेयर करोगे. आप ने एक भी फोन रिपेयर नहीं किया है. फिर sir भी बोल पडे कि जब दीपक office में रहता था तो. इतने फोन कभी इकट्ठे नहीं हुएं थे. और पुरा office भी साफ सुथरा रहता था. जब से दीपक बाहर कि कंम्पलेन देखने लगा है तब से ना तो office में बेठने कि जगह है. और ना ही खडे रहने की जगह है. तो एजेड व्यक्ति ने कहा कि बुला लो दीपक को अभी भी दीपक office में ही काम करता है. कोई office छोडकर चला नहीं गया है. तो मेडम ने कहा कि फिर आपकी परेशानी बढ जायेगी धुप में जाओगे तो आपका बीपी लाॅ हो जायेगा. तो एजेड व्यक्ति ने कहा कि कैसे तो मेडम ने कहा कि अगर दीपक office में काम करेगा. तो फिर बाहर कि कंम्पलेन आपको देखनी पडेगी. और आपको तो डाक्टर ने धुप में काम करने के लिए मना किया है. नहीं तो आपका बीपी लाॅ हो जायेगा. और अगर आपको कुछ हो गया तो नोकरी कि जगह नोकरी रह जायेंगी और आप स्वर्ग सीधार जायेंगे. तो एजेड व्यक्ति ने कुछ नहीं कहा लेकिन मेडम का मेरे पक्ष में बोलते हुए देख एजेड व्यक्ति ने अपने दिमाग में एक प्लान बना लिया. कि अब दीपक के साथ मेडम को भी सबक सिखाना पडेगा. फिर जब मैं वापस आया तो मेडम ने एजेड व्यक्ति से कहा कि यह सारे फोन रिपेयर कर देंगे आप तो एजेड व्यक्ति ने मना कर दिया. कि मुझसे नहीं होंगे. तब मेडम ने सारे कार्डलेस फोन के सिरियल नंबर लिखे और एक बेग में भरकर मुझे देकर कहा कि इन्हें मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर ले जाओ. और देकर आ जाओ. अब आप सोच रहे होंगे कि मुझे तो रिपेयर करना आता था तो फिर मैंने रिपेयर क्युं नहीं किए. या फिर sir ने मुझसे रिपेयर क्यु नहीं करवाये. इसलिए नहीं रिपेयर करवाये क्योंकि एजेड व्यक्ति ने सभी फोन्स को खोलकर देखा था. अब अगर मैं सारे फोन्स को खोलकर देखता और अगर मेरी वजह से कुछ टुट फुट हों जाती या नहीं भी होती. और उन फोन्स में एजेड व्यक्ति के द्वारा कोई टुट फुट होती तो वह मेरा नाम ले लेता. क्योंकि उसकी जलन को मेडम और sir बहुत अच्छे से समझ गये थे. फिर sir ने मुझे दोबारा से office में ही रखना शुरू कर दिया. फिर मैं कार्डलेस फोन के अलावा फेक्स मशीन भी रिपेयर करने लगा था. मेरा office में रहकर काम करना दोनों को अखरता था. दोनों नहीं चाहते थे कि मैं office में रहकर काम करु क्योंकि office में रहने वाला व्यक्ति sir कि नजर में आयेगा. और उस व्यक्ति कि तरक्की जल्दी होगी. ऐसा उन दोनों कि सोच थी. तो दोनों ने मुझे sir कि नजरों में झुठा साबित करने के लिए एक ओर चाल चली वह चाल थी कि sir शहर के बाहर वाले शहरों में भी सर्विस प्रोवाइड करते थे. मतलब जो लोग कंपनी कि फोटो कापी मशीन office नहीं ला पाते थे. उन लोगों के लोकेशन पर जाकर ही मशीन को रिपेयर करते थे. या फिर अगर कोई व्यक्ति कंपनी कि फोटो कापी मशीन, फेक्स मशीन, प्रिंटर मशीन, कार्डलेस फोन कंपनी आर्डर करते थे तो हमारे पास ही आर्डर आता था. मतलब इंदौर के आसपास के शहरों के आर्डर हमारे पास ही आतें थे. तो जहां से आर्डर आतें थे. वहां मशीन इंस्टाल करने हमें जाना पडता था. तो इन दोनों ने कोनसी चाल चली थी. छिंदवाडा से फारेस्ट डिपार्टमेंट से एक आर्डर आया था. अब दोनों में से किसी एक को जाना था. तो दोनों ने कहा कि मेडम हम तो हर बार ही जातें हैं. इस बार दीपक को भेजो. तो मेडम ने मना कर दिया कि दीपक बाहर नहीं जायेगा. वह अभी नया है. उसे अभी शहर से बाहर कि आदत नहीं है. अगर दीपक बाहर गया तो सारा काम बिगाड देगा. इसलिए तुम लोगों को ही जाना पडेगा. तो जो मेरी हम उम्र का था. उसने मेडम को कहा कि नया है तो क्या हुआ. शुरुआत में जब हम आये थे. तो हम दोनों भी तो नये ही थें. फिर धीरे- धीरे हम पुराने हुए. वैसे ही दीपक भी धीरे- धीरे पुराना होगा. असल में वै दोनों सोच रहे थे कि मेडम और sir दीपक पर बहुत भरोसा करते हैं. तो क्युं ना दीपक के हाथों ही कंपनी कि ग्राहकी बिगाडी जाय. क्युं ना दीपक को शहर से बाहर मशीन इंस्टाल करने भेजें. दीपक जब दुसरे शहर मशीन इंस्टाल करने जायेगा और दीपक को डेमों देते नहीं आयेगा तो. कस्टमर नाराज होकर sir और मैडम को भला- बुरा सुनाएंगे. साथ ही इनकी दीपक की वजह से ग्राहकी भी खराब हो जायेगी. वै दोनों लोग यह सोच रहे थे. और मुझे बाहर भेजने के बारे में सोच रहे थे. लेकिन भगवान ने मेरे द्वारा इन दोनों की बैइमानी को उजागर करने के लिए इनके दिमाग में यह बात डलवाई थी. बैइमानी क्या थी इन दोनों की. आगे पढिए जब दोनों ने छिंदवाडा जाने के लिए मना करके मुझे भेजने के लिए बोल दिया तब मेडम और sir Tension में आ गए कि अब क्या किया जाए. फिर sir ने कहा कि ठीक है छिंदवाडा दीपक ही जायेगा. फिर दोनों मन ही मन खुश होने लगें. फिर sir ने मेडम को इशारे से कहा कि दोनों को बाहर रवाना करों. फिर मेडम ने दोनों को कंम्पलेन बताकर बाहर जाने के लिए बोल दिया. फिर sir ने मुझे फेक्स मशीन इंस्टाल करना सिखाया. और डेमों भी देना बताया. और कहा कि अगर कुछ भुल जाओ तो मुझे या मेडम को फोन करके पुछ लेना फिर sir ने मुझे इंस्टालेशन और डेमों देने के बाद मेरा रिजर्वेशन करवा दिया सुबह सात बजे कि ट्रेन का ओर बाहर जाते हुए मेडम को कहा कि मेडम दीपक को खर्च के पैसे दे देना. और sir बाहर चले गए. फिर शाम को मेडम ने लाॅकर से दो हजार रुपए निकाल कर मुझे दें दिए. फिर मैं फेक्स मशीन लेकर अपने कमरे

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