"काश एक बार..." 🖤
काश...
तुमने जाने से पहले
एक बार मेरी आँखों में झाँककर पूछा होता,
"तुम्हारे बाद तुम कैसे जीओगी?"
मैंने तो हर दर्द को
मुस्कुराकर अपना लिया,
हर आँसू को दुआ बनाकर
तुम्हारे नाम कर दिया।
तुम्हारी हर ख़ुशी में
अपनी दुनिया बसाई,
और तुमने एक पल में
मेरी सारी उम्र पर जुदाई लिख दी।
लोग कहते हैं—
"जो होता है, अच्छे के लिए होता है।"
शायद सच हो...
मगर टूटे हुए दिल को
यह बात समझ नहीं आती।
कुछ रिश्ते किस्मत नहीं हारते,
वे हारते हैं
किसी के डर से,
किसी की ख़ामोशी से,
किसी की हिम्मत की कमी से।
अगर प्यार सच्चा था,
तो साथ निभाने की हिम्मत भी होनी चाहिए थी,
क्योंकि मोहब्बत छोड़ने का नहीं,
हर तूफ़ान में हाथ थामे रखने का नाम है।
आज भी दुआ में तुम्हारा नाम आता है,
पर शिकायत बस इतनी-सी है—
तुमने मुझे खोने से पहले,
एक बार भी मुझे बचाने की कोशिश नहीं की। 💔
— डॉ. सुरक सेल्वी चिन्नप्पन ✍️