
गुरु ने हमको ज्ञान दिया,
गुरु ने आगे बढ़ना सिखलाया है।
जब-जब राहों में अँधियारा छाया,
गुरु ने दीपक बन राह दिखाया है।
ठोकर खाकर जब हम गिरने लगे,
गुरु ने फिर से संभलना सिखलाया है।
भटक रहे थे जब जीवन की राहों में,
गुरु ने सही मार्ग पर चलाया है।
अहंकार मिटाकर विनम्रता दी,
सच्चाई का पाठ पढ़ाया है।
गुरु ने हमको ज्ञान दिया,
जीवन जीने का ढंग सिखाया है।
गुरु चरणों में शीश झुकाते हैं,
जिन्होंने हमें इंसान बनाया है।
गुरु की कृपा बनी रहे जीवन भर,
इसीलिए मन ने उन्हें अपना बनाया है।
इंजीनियर राजन सोनी
अम्बेडकर नगर, उत्तर प्रदेश