कलमों का सम्मान बचाओ,
मेहनत का अधिकार बचाओ।
जो सपनों की राह चले हैं,
उनका भी संसार बचाओ।
माँ की आँखों का है सपना,
पिता के श्रम की ये कमाई।
एक परीक्षा केवल अंक नहीं,
पूरे घर की है सच्चाई।
रात-रात भर जागने वालों,
क्यों आँखों में नमी रहे?
सच्ची मेहनत करने वाले,
कब तक यूँ ही थमी रहे?
जंतर-मंतर गवाह बना जब,
युवा सड़कों पर आ पहुँचा।
अपने हक़ की बात कहने,
सच का दीपक साथ ले पहुँचा।
न बैर किसी से, न विद्रोह,
बस न्याय की आवाज़ उठी।
मेहनत का सम्मान मिले,
हर दिल से यही सदा निकली।
जिस भारत को विश्वगुरु बनना,
उसका पथ निष्पक्ष रहे।
ज्ञान, कर्म और सत्य के आगे,
हर अन्याय विवश रहे।
आओ ऐसा देश बनाएँ,
जहाँ सपने न टूट सकें।
मेहनत करने वाले बच्चे,
अपने लक्ष्य को छू सकें।
युवा झुकेगा नहीं कभी,
सत्य की मशाल जलाएगा।
भारत का उज्ज्वल भविष्य,
मेहनत से ही आएगा।
✍️ इंजीनियर राजन सोनी
अम्बेडकर नगर उत्तर प्रदेश