Personal Story
ऐ जिंदगी जरा रुक
जिंदगी जरा पैमाने पर रुक,बटी हुई जिंदगी का हिसाब रखना है,किसने की नरमाई और किसने की रुसवाई.. किस अपने ने कब रुलाया, किसने ना था करीब पर कितना हंसाया,किसका कैसा था करम और किसने की कितनी रहम...साथ कब किसने निभाया और साथ रहते किसने तरसाया,खुदा ने की ...