Personal Story
भूली हुई बात का साकार
बहुत साल पहले जब मैं 6-7 साल का था तब मेरी दादी मेरे पिता के सामने अक्सर एक कथन दोहराया करती थी कि "बेटा पकने का बाद फल मीठा और मनुष्य कड़वा हो जाता है" । आज अक्सर मैं अपने पिता से भी वही कथन सुनता हूं तो सोचता हूं कि अंत में क्या सभी बुजर्गो का सर...
shailender