Personal Story
हाँ मैं रंग मंच कलाकार
बीता बचपन गई जवानी,बुढ़ापा जाने को तैयार.तीन दिवस का शोक मनेगा,और फोटो पर हार.हाँ मैं रंग मंच कलाकार.चाटुकार यश गाथा गाते,जिनके दमन दाग हजार.समय का पहिया चलता जाए,अपने देते हैँ दुत्कारहाँ मैं रंग मंच कलाकार.चlल चलन अब कौन देखता, माया के दीवाने लाख ...