2122 1212 22ग़म गया यार का बुख़ार गयाचार दिन ज़िन्दगी गुज़ार गया /१कमसिनी का शबाब है आख़िरनाज़-नखरों से मैं भी हार गया /२कौन ऐसा था शख़्स दुनिया मेंकौन क़िस्मत मेरी सँवार गया /३बे-क़रार आ के ज़िन्दगी में रहाज़िन्दगी से भी बे-क़रार गया /४