Personal Story
ज़िंदगी की किताब
ज़िंदगी देखने की चीज हैऔरइंसान दिखाने के लिए जीता रहायही कारण है कि वो ज़िंदगी से अनभिज्ञ ही रहाअर्थात बनना था दर्शकलेकिन बनता रहाज्ञानी और विज्ञानीज्ञानी बनके आँखे बंद करके अंतर्ध्यानी होकर ग्रंथो की रचना कर दीवहीं विज्ञानी वनने के नाम पर उसने आँ...