तुम्हारी बातें, तुम्हारी अटखेलियां, वो एहसास,आज भी यादें बहुत जुड़ी हैं , याद है वो अमलतास,वो बागों में घूमना, हाथों में हाथ,तुम्हारा झुक कर मेरे माथे को चूमना,और नाराज़गी दिखाते हुए मेरा इधर उधर घूमना।और हाँ.... याद करो उस दिन जब किसी बात पर मैउलझ...
Jb tum mileएक हल्की सी दस्तक से,खोल दिया दिल का द्वार,जैसे कर रही थी तेरा जन्मों से इंतजार।कुछ बातें तुमने की, कुछ कहा हमने भी,बहुत कुछ बचा , कुछ कही, कुछ अनकही।समय के साथ बहुत कुछ बदला,न कोई बात हुई, ना मुलाकातरहा था सिर्फ इंतजार , ऐतबार।
