Personal Story
बचा ले री माँ
बचा ले री माँ तु बचा ले रीजब मैन छोटा था तब भी बचाया तूनेआज है जरूरत तेरीबचा ले री माँछोटे पन मे जब मुझे चोट लगेतु ढाल बन आ जाती थीआज मे अकेला हूं तन्हा हूंन कोई अपना है न ही कोई सहराजहा देखु सब सुन्शान पड़ा हैकोई नही दिखता है मुझेआज तेरी बहुत याद ...
Pradeep Kumar dubey