Personal Story
बड़ी विरासत
पुरखो से विरासत में मिली हो जिन्हें गेहूं चावल बेचने की दुकानवे परिश्रम से कमाए स्वाभिमान का महत्व कैसे जान पाएंगे......जो खाते हो दूसरों के मुंह से छीन कर के निवाला वे पसीने से कमाई नून रोटी का महत्व कैसे जान पाएंगे....ईमान बेच कर खड़े कर लिए हो ...