
I am a chef. Writing is a habit of mine; I constantly strive to write whatever I can, drawing from my own experiences.
तुम आए हों छत पर मुद्दतों के बाद..तुम्हें क्या पता?इन आँखों ने बरसों इंतज़ार किया हैं..घणा अंधेरा.. सुनसान रातों की तनहाई यादों की महकती करवटे मिलन की आस लिए बैठे..बेचैन तरसती बाहें..अब बस यहीं आरजू है गले लगाकर सिमट जाओ दुरिया जो हमे थीं अनकही मि...
kavi Sagar Chavan
जिंदगी जरूर बदल जाएंगी पगले पहले थोड़ी मेहनत तो करख्वाबो की दुनियां सजाया कर ..हर रोज,किंतु परंतु के कोई मायने नहीं जिंदगी मेंतू थोड़ा हौसला बोलन्द तो कर ..|रास्ते अगर अंधेरो से भरे पड़े है "तो क्या फ़र्क़ पड़ता हैं,तू थोड़ा अपने ज...
kavi Sagar Chavan
जब भी हम कोई उम्मीद रखते हैं, खुदसे तो पूरी शिद्दत से रखनी चाहिएं जाने अनजाने में अगर कोई ख्वाब देखा जो सपना हम जबतक हकीकत में बदल ना जाए। हौसला बनाए रखना चाहिए़। कोई भी मंजिल आसान तो नहीं होती अनकही थकान, अगणित रुकावटें आएगी मगर हमे हर हाल में डट...
kavi Sagar Chavan