Personal Story
पिता तो है परिवार की धुरी
पीठ पर लादे ज़िम्मेदारियों की गठरी अपने कारोबार से करें हमारी हर जरूरत पूरी हां पिता ही तो है हमारे जीवन की धुरी।आवाज में चाहे थोड़ी सख्ती सहीपर ज्ञान देते एकदम सहीख्वाहिशें सभी समझ जाते जो हमने कभी कहीं नहींपनाह का पालना देने से कभी चूकते नहीं पर...
Kashish Madhwani