Personal Story
अल्हड़पन
एक अल्हड़ सी मुस्कान मेरी वो संजीदा किरदार कोई मैं लहराता पानी नदियां का वो ठहरी हुई चट्टान कोई मेरी बातों में ना तर्क कोई उसकी बातों का हर शब्द सही मैं दिखने में हु ठीक ठाक वो खूबसूरती का प्रमाण कोई मैं मानू चंचल मोहन को वो महाकाल का भक्त कोई!