Personal Story
आंसू
आशू तुम पर ये इल्ज़ाम रहेगा मेरी प्रिय की आँखें नम करने का हमने कितने जतन लगाए प्रिय का चेहरा फूलों सा खिलते रहने का मेरे पास ना होने पर कितना सताया तुमने हंसते चेहरे को खूब रुलाया तुमने जब हम रहते है पास प्रिय के तब जाने कहा डूब के मर जाते हो मेर...