Personal Story
हद में रहना सीख लिया…
हद में रहना सीख लिया…अब हर किसी सेज़रूरत से ज़्यादा उम्मीद नहीं रखती,और हर बात परखुद को साबित करने की जिद भी नहीं।जहाँ अपनापन होवहाँ दिल खोल देती हूँ,और जहाँ क़दर न होवहाँ ख़ामोशी ओढ़ लेती हूँ।हद में रहना सीख लिया है मैंने—अब न टूटती हूँ,न ज़रूरत ...