Personal Story
"Ek chhoti si cheez jo mujhe roz khush karti hai"
56 साल की उम्र में आकर मैंने एक बात समझी है — खुशी हमेशा बड़ी वजहों से नहीं मिलती। कई बार वह बहुत छोटी चीज़ों में छिपी होती है, जिन्हें हम सालों तक सामान्य समझकर नज़रअंदाज़ करते रहते हैं।मेरे लिए वह छोटी सी चीज़ है — सुबह की शांति।अब मेरी सुबहें प...
Anjaan