
विषय: “सम्पूर्ण सत्य शोध संस्थान” की स्थापना हेतु प्रस्ताव मान्यवर, सादर निवेदन है कि वर्तमान सामाजिक परिवेश में बचपन से ही व्यक्ति को मुख्यतः पद, पैसा एवं पावर की प्राप्ति की ओर प्रेरित किया जाता है। इसी दिशा में जीवन व्यतीत करते हुए मेरे मन में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उत्पन्न हुआ कि—जब इन सबकी प्रचुरता होने के बावजूद भी अनेक व्यक्तियों के जीवन में संतोष, शांति एवं पूर्णता का अभाव है, तो वास्तविक सफलता का मापदंड क्या है? इस जिज्ञासा ने मुझे जीवन के मूल प्रश्न—“मैं इस संसार में क्यों हूँ?”
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