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Zindgi ka tajurba

ज़िन्दगी में किसी को खुश करना आसान नहीं होता

यह बात तब समझ आई जब खुद थक गए

बैठना तो हमें भी बहुत पसंद था

पर जिम्मेदारियों ने पाँव पकड़ लिए

मन तो था इस कदर भुला दे सब कुछ

पर सबने बेशर्म बता दिया हमें

हम ज़िन्दगी की आस में बैठे थे हम

की सबसे ज्यादा हम अच्छे है

मुख मोड़ दिया हमने भी फिर जिंदगी ने कहा जी तु

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