Back to feed

Wo rishta jisne mujhe behtar banaya

बरसात की हल्की शाम थी। खिड़की पर गिरती बूंदें जैसे पुराने दिनों की दस्तक दे रही थीं।

रिया चाय का कप हाथ में लिए बैठी थी, लेकिन उसकी आंखें कहीं दूर अटकी हुई थीं… उस रिश्ते में, जो अब उसके साथ नहीं था।

आरव उसकी ज़िंदगी में किसी तूफ़ान की तरह नहीं, बल्कि एक सुकून भरी हवा की तरह आया था।

ना बड़े वादे, ना दिखावे वाली मोहब्बत… बस एक सच्चा साथ।

रिया बहुत जल्दी गुस्सा हो जाती थी। छोटी बातों को दिल पर लेना, खुद को कम समझना और हर चीज़ में डरना उसकी आदत थी।

वो अक्सर कहती—

"मुझे लगता है मैं कभी किसी के लिए काफी नहीं बन पाऊंगी…"

और हर बार आरव मुस्कुराकर जवाब देता—

"काफी बनने की कोशिश मत करो… बस खुद रहो।"

शायद यही बात रिया को सबसे अलग लगती थी।

पहली बार किसी ने उसे बदलने की कोशिश नहीं की थी… बल्कि समझने की कोशिश की थी।

दिन बीतते गए।

आरव ने उसे किताबें पढ़ने की आदत दी, अपनी बात कहना सिखाया, गलतियों पर खुद को माफ़ करना सिखाया।

जब रिया डरकर पीछे हटती, तो वो कहता—

"हारने से मत डरो… कोशिश न करने से डरो।"

धीरे-धीरे रिया बदलने लगी।

वो पहले से ज्यादा मजबूत, समझदार और आत्मविश्वासी हो गई।

लेकिन हर कहानी हमेशा साथ तक नहीं पहुँचती।

कुछ रिश्ते मंज़िल नहीं होते… सफ़र होते हैं।

आरव को दूसरे शहर जाना पड़ा।

दूरी बढ़ी, ज़िम्मेदारियाँ बढ़ीं, और बातों के बीच खामोशियाँ उतरने लगीं।

उन्होंने कोशिश की… बहुत की।

लेकिन कभी-कभी मोहब्बत होने के बावजूद रास्ते अलग हो जाते हैं।

जिस दिन रिश्ता खत्म हुआ, रिया ने सोचा था कि शायद उसकी दुनिया भी खत्म हो जाएगी।

उसने कई रातें रोकर बिताईं।

लेकिन एक दिन, आईने में खुद को देखते हुए उसे अचानक एहसास हुआ…

वो अब पहले वाली रिया नहीं थी।

वो अपनी बात कह सकती थी।

खुद को दोष देना छोड़ चुकी थी।

डर के बावजूद आगे बढ़ना सीख चुकी थी।

तब उसे समझ आया—

आरव सिर्फ उसकी ज़िंदगी का रिश्ता नहीं था…

वो उसकी ज़िंदगी का सबक था।

रिया ने फोन की पुरानी चैट खोली। आख़िरी संदेश अब भी वहीं था—

"अगर कभी हम साथ न भी रहें… तो इतना याद रखना कि तुम बहुत खूबसूरत इंसान हो।"

रिया की आंखें भर आईं, लेकिन इस बार दर्द कम था… और शुक्रिया ज्यादा।

उसने फोन बंद किया, खिड़की खोली और बारिश को देखते हुए धीरे से कहा—

"कुछ रिश्ते हमारे पास रहने के लिए नहीं आते…

बल्कि हमें बेहतर इंसान बनाकर जाने के लिए आते हैं।" ❤️

✍️Ek Khamosh Aurat ✍️

Baatcheet